फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Pollution decreased due to increase in wind speed in delhi

हवाओं की गति बढ़ने से दिल्ली में प्रदूषण कुछ घटा, लेकिन एनसीआर में आज से हालत बिगड़ने की आशंका

Wed, 21 Oct 2020 05:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 21 Oct 2020 05:22 AM IST
विज्ञापन
Pollution decreased due to increase in wind speed in delhi
धूल और धुआं... - फोटो : amar ujala

हवाओं की गति बढ़ने से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में मंगलवार को भी 21 अंकों की कमी दर्ज की गई। 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 से 223 पर आ गया। प्रदूषकों में सबसे ज्यादा हिस्सा धूल के महीन कणों पीएम 10 व पीएम 2.5 का ही बना हुआ है, बावजूद इस सुधार के दिल्ली का सूचकांक अभी भी खराब स्तर पर है। सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी बदलाव की वजह से बुधवार से दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब स्तर पर जा सकती है।

विज्ञापन


सफर का आकलन है कि मंगलवार को भी दिल्ली में सतह पर चलने वाली हवाओं की गति तेज रही, इससे प्रदूषण में कमी आई। उधर, सोमवार को पंजाब, हरियाणा व अन्य पड़ोसी इलाकों में पराली जलाने की 1017 घटनाएं सामने आईं। फिर, हरियाणा की तरफ से हवाएं दिल्ली पहुंच रही थी। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली का धुआं बढ़ने का अंदेशा था, लेकिन निचली के साथ ऊपरी सतह पर चलने वाली हवाओं की गति भी तेज होने से पराली के धुएं का हिस्सा भी कम हुआ। 
विज्ञापन


सोमवार को दस फीसदी की तुलना में मंगलवार को यह 8 फीसदी रहा। इससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार दिखा। सोमवार के 244 की तुलना में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 223 पर आ गया। गौरतलब है कि हवा की गति में तेजी आने से सोमवार को भी हवा की गुणवत्ता में दस अंकों का सुधार आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सफर का पूर्वानुमान है कि सतह पर चलने वाली हवाओं की दिशा बदलने व गति कम होने से बुधवार से वायु की गुणवत्ता ज्यादा खराब होगी। बुधवार को सूचकांक बेहद खराब स्तर में चले जाने का अंदेशा सफर ने जाहिर किया है। बृहस्पतिवार को भी हालात में सुधार होने की उम्मीद नहीं है।

Trending Videos

सांस लेने में परेशानी को कोविड न समझें

मौसम बदलने के साथ राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। इस समय लोगों को कोरोना के साथ-साथ प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से भी बचाव करना जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में अस्थमा, टीबी के मरीजों को सांस लेने में परेशानी की समस्या हो सकती है। अगर ऐसी कोई समस्या है तो उसे कोविड समझकर घबराएं नहीं। बस सावधानी बरतें और  डॉक्टर की सलाह लें।

सफदरजंग अस्पताल में मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि इस मौसम में घर के अंदर ही रहें। बाहरी गतिविधियां जैसे रनिंग, जॉगिंग, साइक्लिंग, जिम आदि न करें। कोरोना के साथ-साथ धूल की एलर्जी से बचने के लिए मास्क या रूमाल से हमेशा मुह को ढक कर रखें। मास्क अच्छी गुणवता का पहनें, जो पीएम 2.5 को फिल्टर कर सके, ताकि फेफड़ों पर धूल के कणों का असर न हो। फेफड़ों को मजबूत करने के लिए सांस संबंधी व्यायाम करें और खान -पान का ध्यान रखें। उन अगर किसी मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही है,लेकिन उसे बुखार नहीं है तो हो सकता है कि यह प्रदूषण के कारण हुआ है। ऐसी समस्या को कोविड का लक्षण समझकर घबराना नहीं चाहिए।  

अस्पतालों में बढ़ेंगे सांस के मरीज
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी ने कहा कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वायरल इन्फ्लूएंजा जैसी सांस की बीमारियां बढ़ जाती हैं और खराब वायु गुणवता के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाती है। इससे फेफड़ों के कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर व्यक्ति के फेफड़ों कमजोर होंगे तो कोरोना संक्रमण उसके लिए काफी घातक साबित हो सकता है। वहीं, प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में यह बीमारियां काफी घातक साबित हो सकती है।  इसलिए आप लोगों को कोरोना और प्रदूषण से एक साथ बचाव करना होगा और सभी जरूरी सावधानियों का विशेष रूप से पालन करना होगा।

दिल्ली के प्रदूषण को रोकने में ऑड-ईवन कारगर...

दिल्ली के प्रदूषण को रोकने में ऑड-ईवन बेहद कारगर है। ऑड-ईवन के चलते सड़क किनारे के प्रदूषण में 25 से 30 फीसदी तक गिरावट आयी थी। यह खुलासा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की दो स्टडी रिपोर्ट में हुआ है। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विशेषज्ञों की टीम ने सरकार से ऑड-ईवन को लगाने का सुझाव भी दिया है।

डीटीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह के मुताबिक, सर्दियों की आहट के साथ ही दिल्ली-एनसीआर फिर से प्रदूषण की मार झेलने लगा है। पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण में काफी वृद्धि देखी जा रही है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम ने दूसरी स्टडी रिपोर्ट में भी ऑड-ईवन फार्मूले को सही बताया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि जनवरी 2016 की तरह नवंबर 2019 में भी दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई ऑड-ईवन योजना से वायु प्रदूषक में काफी कमी दर्ज की गई थी।

चार अलग-अलग स्थानों पर किया शोध
विश्वविद्यालय के पर्यावरण  इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर, डॉ. राजीव कुमार मिश्रा और उनकी शोध टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पर शोध किया है। दिल्ली में परिवहन के साधनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयास में 01 से 9 नवंबर व 13 से 15 नवंबर, 2019 के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा दोबारा ऑड-ईवन चलाया गया। टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पंचकुईयां मार्ग, पीतमपुरा रोड, नजफगढ़ रोड व डीटीयू (बवाना रोड) में डेटा विश्लेषण किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed