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प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने दोबारा बंद कीं 81 इकाइयां
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 05 Sep 2016 06:39 PM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद भी फरीदाबाद मेें फैक्ट्रियों से प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी को जहरीला करने वाली 81 फैक्ट्रियों पर फिर से तालाबंदी करने की कार्रवाई की है। यह इकाइयां सील करनेे के बाद भी दोबारा गुपचुप तरीके से संचालित होने लगी थीं। वहीं मथुरा हाइवे पर सोमवार को एसिड को सड़क पर खुलेआम बहाए जाने का मामला भी सामने आया है।
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जानकारी के अनुसार जिन फैक्ट्रियों को पूर्व में सील कर दिया गया था। उन्होंने गुपचुप तरीके से पुन: संचालन शुरू कर दिया था। जिस पर विभाग ने कार्रवाई की और सभी को दोबारा बंद कराया। बोर्ड की ओर से यह कार्रवाई फरवरी 2016 से अगस्त 2016 के मध्य में की गई है।
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बताया जा रहा है कि डाइंग एवं टेक्सटाइल से जुड़ी यह फैक्ट्रियां अवैध रूप से नहरपार क्षेत्र में कार्य करके बिना ट्रीट किए केमिकल को भी सीधे बहा रही थीं। सोमवार को मथुरा हाइवे पर ऐसा ही एक मामला सामने आया। इस बारे में आरटीआई कार्यकर्ता वरुण का कहना है कि मथुरा हाइवे पर जहरीला एसिड छोड़ा जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने यहां कोई कार्रवाई नहीं की। केमिकल लोगों की जिंदगी में जहर घोलने का काम कर रहा है।
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53 अवैध इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटे
एक तरफ तो प्रदूषण विभाग एवं बिजली विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर अगस्त 2016 तक जहां 53 इकाइयों के बिजली कनेक्शन काट कर उत्पादन एवं कार्य पर रोक लगा दी। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि कनेक्शन काटे जाने वाली फैक्ट्रियां जनरेटर के माध्यम से अपना कार्य कर रही हैं। अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई कि अवैध इकाइयों को वैध कनेक्शन किसकी शह पर दिए गए थे।
नहरपार की फैक्ट्रियां अवैध
नहर पार वजीरपुर, मवई, वसंतपुर, तिलपत गांव के पास अधिकांश फैक्ट्रियां अवैध रूप से संचालित हो रही हैं। विभाग से इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई। विभाग ने 3 अगस्त 2016 तक करीब 37 इकाइयों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। फैक्ट्रियों से जुड़ा अवैध कारोबार नहरपार क्षेत्र में अधिक फल फूल रहा है, जिसकी कार्रवाई एनजीटी द्वारा की जा रही है।
जिन फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। उनमें अधिकांश स्थानों पर जनरेटर का प्रयोग किया जा रहा है। अवैध रूप से चल रहीं फैक्ट्रियों पर पूर्ण रूप से लगाम नहीं लग पाई है। मथुरा हाइवे सड़क पर जहरीला एसिड छोड़ा जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने यहां पर कोई कार्रवाई नहीं की है। केमिकल लोगों की जिंदगी में जहर घोलने का काम कर रहा है।- वरुण, आरटीआई कार्यकर्ता
डाइंग एवं टेक्सटाइल की फैक्ट्रियों को फिर से सील किया गया है। इन्होंने बिना जानकारी दिए संचालन शुरू कर दिया था। एनजीटी को इसकी जानकारी से अवगत करा दिया गया है। जहां शिकायत प्राप्त हो रही है, वहां पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है।- जय भगवान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, फरीदाबाद