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ठंड और प्रदूषण से बढ़ रहा एलर्जी खांसी का खतरा, ये हैं लक्षण
Sat, 29 Dec 2018 01:41 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Dec 2018 01:41 AM IST
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जैसे-जैसे साल दर साल दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे एलर्जिक खांसी भी बढ़नी शुरू हो गई है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि जिस वातावरण के बीच हम रह रहे हैं, वह भारी धूम्रपान करने जैसा है।
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सर्दी के महीनों में एलर्जी जनित खांसी अधिक होती है। डॉक्टरों के मुताबिक, तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक और एलर्जी तत्व हवा से हट नहीं पाते हैं, जिससे अस्थमा, एलर्जी राइनाइटिस और अन्य एलर्जी विकार हो जाते हैं। तापमान और ठंड में अचानक परिवर्तन के कारण भी खांसी शुरू हो जाती है।
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इस बारे में हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली जैसे शहरों में आबादी का अधिकांश हिस्सा ओजोन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी प्रदूषक गैसों के कारण एलर्जी जनित खांसी का शिकार होता है। इसके अलावा सड़क और निर्माण स्थलों से उठने वाली धूल, धुआं, नमी और तापमान में अचानक परिवर्तन एलर्जिक खांसी के कारण हैं।
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गले में जलन और खुजली हफ्तों से महीनों तक बनी रह सकती है। नाक बहना, छींकना, आंखों में पानी, खुजली और आंखों के नीचे काले घेरे एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं। ये काले घेरे या एलर्जिक नाक में सूजे हुए टिश्यू और आंखों के नीचे ब्लड जमा होने के कारण होते हैं। एलर्जी जनित खांसी आमतौर पर रात में तेज हो जाती है।
वायरल और बैक्टीरियल, दोनों तरह के संक्रमण लंग्स या लीवर की बीमारी, हार्ट रोग, फेफड़े की पुरानी प्रतिरोधी बीमारी या अस्थमा वाले लोगों में जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में यदि तेज बुखार दो दिन से अधिक समय तक बना रहे तो डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए।