{"_id":"5d0d6d2b8ebc3e318948aefa","slug":"politics-on-the-letter-of-kejriwal-asking-to-give-vote","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोट देने की कसम दिलाने वाला पत्र हुआ वायरल, राजनीति गरमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोट देने की कसम दिलाने वाला पत्र हुआ वायरल, राजनीति गरमाई
Sat, 22 Jun 2019 06:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 22 Jun 2019 06:39 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के सदस्यों व अभिभावकों को अरविंद केजरीवाल को वोट देने की कसम दिलाने संबंधी कथित पत्र के वायरल होने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है।
विज्ञापन
दिल्ली सरकार ने पत्र को फर्जी बताते हुए इसे बीजेपी की तरफ से बांटा गया पंफलेट बताया है। वहीं शिक्षा निदेशालय ने पत्र की जांच करने का फैसला किया है। उधर भाजपा ने उपराज्यपाल से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। जबकि कांग्रेस नेता किरण वालिया ने सरकार से यह पत्र तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
विज्ञापन
दरअसल शुक्रवार को एमएलए प्रतिनिधियों द्वारा एमएससी को दिया जा रहा एक पत्र वायरल हो गया। पत्र में अभिभावकों के साथ होने वाले सत्र (पेरेंट टीचर्स मीटिंग) में यह बताने को कहा गया है कि आप सरकार उनके बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
यदि 2020 में दिल्ली में सरकार नहीं बना पाए तो स्कूल की प्रगति और उनके बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। साथ ही एसएमसी माता पिता को हैप्पीनेस करिकुलम व एंटरप्रिन्योरशिप करिकुलम की अच्छाई के विषय में भी बताएं।
कथित पत्र के सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि एसएमसी के जरिये आम आदमी पार्टी वोट बैंक जुटाने में लगी है।
भाजपा नेता और पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा पैरेंट-टीचर्स मीटिंग के बहाने केजरीवाल सरकार अभिभावकों से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वोट मांग रही है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को बाटें जा रहे पर्चे को साझा करते हुए मीटिंग पर रोक लगाने की मांग की है।
उधर दिल्ली की पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. किरण वालिया ने दिल्ली सरकार से 13 जून 2019 के सर्कुलर को तुरंत प्रभाव से वापस लेने मांग की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह वोट प्राप्त करने के लिए शिक्षा प्रणाली का राजनीतिकरण कर रही है।
क्या है वायरल पत्र में
वारयल पत्र में प्रश्नावली है। जिसमें पूछा गया है कि बच्चे की पढ़ाई कैसी चल रही है। केजरीवाल सरकार आने के बाद पढ़ाई में क्या बदलाव नजर आया। क्या आप मानते हो कि यह बदलाव इसलिए हो पाए क्योंकि आपने पिछली बार केजरीवाल को वोट देकर मुख्यमंत्री बनाया था। पत्र में पूछा गया है कि आपने लोकसभा चुनाव में आपने केजरीवाल को वोट क्यों नहीं दिया।
अब कुछ दिनों में चुनाव होने वाले हैं यदि दिल्ली के चुनाव में भाजपा या कांग्रेस जीत गई तो क्या स्कूल वापस खराब हो जाएंगे या अच्छे होंगे। तो आप क्या चाहते हो,आने वाले दिल्ली के चुनाव में किसको जीतना चाहिए। आप किसको वोट देंगे।