पुलिसकर्मी मांग रहा था DU छात्रा का नंबर, रोज करता था पीछा
कई दिनों से डीयू की छात्रा का पीछा कर रहे ट्रैफिक पुलिस के एक जवान को भीड़ ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पीड़ित छात्रा से उसका मोबाइल नंबर मांग रहा था। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस के रवैये से नाराज भीड़ ने पीसीआर वैन के शीशे तोड़ दिए। बाद में परिजनों की शिकायत पर गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल में तैनात सिपाही अनिल कुमार (29) को गिरफ्तार कर लिया गया।
वारदात के समय आरोपी पुलिस की वर्दी में था। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे निलंबित कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता सपना (19)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ गांधी नगर इलाके में रहती है।
वह डीयू द्वितीय वर्ष की छात्रा है
वह डीयू, एसओएल बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा है। सपना का आरोप है कि रोजाना जब वह क्लास कर शाम के समय घर वापस लौटती थी तो ट्रैफिक पुलिस का सिपाही उसका पीछा करता था।
इस बात का जिक्र उसने अपने परिजनों से किया। परिजनों ने सपना से कहा कि जब मंगलवार को सिपाही उसका पीछा करे तो वह कॉल कर दे।
मंगलवार शाम करीब 7:00 बजे सपना क्लास कर घर लौट रही थी तो सिपाही अनिल ने उसका पीछा शुरू कर दिया। फौरन सपना ने फोन कर परिजनों को सूचना दी।
जैसे ही आरोपी गली नंबर-6 में पहुंचा आरोपी ने सपना को रोककर उससे मोबाइल नंबर लेने का प्रयास किया, इसी बीच सपना के परिजन और अन्य लोगों ने उसे दबोच लिया।
जुटी भीड़ ने नाराज होकर पीसीआर को तोड़ दिया
मामले की सूचना मिलते ही पीसीआर भी पहुंच गई। पीसीआर कर्मियों ने भी सिपाही की हिमायत करना शुरू कर दिया। इससे मौके पर जुटी भीड़ ने नाराज होकर पीसीआर को तोड़ दिया।
बाद में आरोपी को लोकल पुलिस के हवाले कर दिया गया। गांधी नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी सिपाही पिछले कई दिनों से सपना का पीछा कर रहा था। पांच-छह दिन से सपना ने नोटिस किया कि कोई उसका पीछा कर रहा है। बिना डरे से उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
परिजनों के कहने पर पीड़िता ने सही समय पर कॉल कर उन्हें बुला लिया और अनिल रंगे हाथों पकड़ा गया। परिजनों ने अनिल के खिलाफ सख्य कार्रवाई की मांग की है।