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बेलगाम कार की टक्कर से बैरिकेड उछलकर हवलदार पर गिरा, मौत
Wed, 09 Jan 2019 03:32 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 09 Jan 2019 03:32 AM IST
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द्वारका के सेक्टर-23 में सोमवार देर रात तेज रफ्तार एक कार ने पुलिस के बैरीकेड में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बैरीकेड उछलकर वाहनों की तलाशी ले रहे हवलदार गुलजारी लाल के मुंह में लगा।
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घायल हवलदार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, टक्कर मारने के बाद चालक कार समेत फरार हो गया। मंगलवार दोपहर पुलिस ने एक वर्कशॉप से कार को बरामद कर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार चालक की पहचान पोचनपुर निवासी नागेश कपूर (33) के रूप में हुई है। वह मायापुरी स्थित हार्ले डेविडसन शोरूम के अकाउंट सेक्शन में कार्यरत है। आरोपी मूलरूप से सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।
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पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात हवलदार गुलजारी लाल अन्य पुलिसकर्मियों के साथ महिपालपुर से द्वारका की ओर आने वाले कैरिजवे पर बैरीकेड लगाकर वाहनों की तलाशी ले रहा था। रात एक बजे महिपालपुर की ओर से तेज रफ्तार कार आती नजर आई।
पुलिसकर्मियों ने टॉर्च जलाकर उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने कार को रोकने की बजाय बैरीकेड में जोरदार टक्कर मार दी और कार लेकर फरार हो गया। टक्कर लगने के बाद बैरीकेड उछलकर सामने खड़े गुलजारी लाल के मुंह पर लगा। गुलजारी लाल गिर गया और मुंह से खून निकलने लगा। साथी पुलिसकर्मियों ने उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी
मृतक गुलजारी लाल के साथ काम करने वाले उनके सहयोगियों ने बताया कि वह ड्यूटी के प्रति काफी सजग थे। मूलत: राजस्थान के कोटपुतली के रहने वाले गुलजारी लाल 1990 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। पिछले महीने ही उनकी तैनाती द्वारका के सेक्टर 23 थाने में हुई थी। वह परिवार के साथ नजफगढ़ में रहते थे। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। परिजनों को शव सौंपने से पहले पुलिस अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार वाले शव कोटपुतली ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
व्हॉट्सऐप के जरिये पुलिस आरोपी तक पहुंची
घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कार की ठीक ढंग से पहचान नहीं कर पाए और न ही उसका नंबर नोट कर पाए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बताया कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस के लिए उस कार की पहचान करना चुनौती का काम था। पुलिस ने द्वारका में सक्रिय कई व्हॉट्सऐप ग्रुप की मदद ली, जिसमें पुलिस ने लोगों से अपील की कि अगर किसी ने अपने आसपास कोई क्षतिग्रस्त कार देखी है, तो इसकी जानकारी पुलिस को दें। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को अस्पताल और नर्सिंग होम पर नजर रखने के लिए कहा, ताकि कोई घायल व्यक्ति इलाज के लिए आता है, तो इससे पूछताछ की जा सके।
गुुरुग्राम में दोस्त से मिलकर आ रहा था
पुलिस ने वर्कशॉप मालिकों को भी कोई क्षतिग्रस्त कार आने पर इसकी सूचना देने के लिए कहा। दोपहर में पुलिस को पोचनपुर गांव के एक मेकेनिक से सूचना मिली कि एक क्षतिग्रस्त कार वर्कशॉप के बाहर खड़ी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक नागेश को गिरफ्तार कर लिया। नागेश ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह गुुरुग्राम से अपने एक दोस्त से मिलकर आ रहा था। रात को जब पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह डर गया और उसने बैरीकेड को टक्कर मारते हुए वहां से फरार हो गया।
मृतक गुलजारी लाल के साथ काम करने वाले उनके सहयोगियों ने बताया कि वह ड्यूटी के प्रति काफी सजग थे। मूलत: राजस्थान के कोटपुतली के रहने वाले गुलजारी लाल 1990 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। पिछले महीने ही उनकी तैनाती द्वारका के सेक्टर 23 थाने में हुई थी। वह परिवार के साथ नजफगढ़ में रहते थे। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। परिजनों को शव सौंपने से पहले पुलिस अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार वाले शव कोटपुतली ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
व्हॉट्सऐप के जरिये पुलिस आरोपी तक पहुंची
घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कार की ठीक ढंग से पहचान नहीं कर पाए और न ही उसका नंबर नोट कर पाए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बताया कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस के लिए उस कार की पहचान करना चुनौती का काम था। पुलिस ने द्वारका में सक्रिय कई व्हॉट्सऐप ग्रुप की मदद ली, जिसमें पुलिस ने लोगों से अपील की कि अगर किसी ने अपने आसपास कोई क्षतिग्रस्त कार देखी है, तो इसकी जानकारी पुलिस को दें। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को अस्पताल और नर्सिंग होम पर नजर रखने के लिए कहा, ताकि कोई घायल व्यक्ति इलाज के लिए आता है, तो इससे पूछताछ की जा सके।
गुुरुग्राम में दोस्त से मिलकर आ रहा था
पुलिस ने वर्कशॉप मालिकों को भी कोई क्षतिग्रस्त कार आने पर इसकी सूचना देने के लिए कहा। दोपहर में पुलिस को पोचनपुर गांव के एक मेकेनिक से सूचना मिली कि एक क्षतिग्रस्त कार वर्कशॉप के बाहर खड़ी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक नागेश को गिरफ्तार कर लिया। नागेश ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह गुुरुग्राम से अपने एक दोस्त से मिलकर आ रहा था। रात को जब पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह डर गया और उसने बैरीकेड को टक्कर मारते हुए वहां से फरार हो गया।