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कोर्ट ने की पहल तब पुलिस ने लिखी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 28 Oct 2014 07:23 PM IST
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थाने से वापस किए गए टीचर की पिटाई से घायल बालक के परिजनों को न्याय पाने के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश पर सूरजकुंड पुलिस ने टीचर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
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मेवला महाराजपुर निवासी निर्मल पुत्र रामकुमार गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा सातवीं का छात्र है। 15 सितंबर को परीक्षा के दौरान किसी बच्चे ने उससे रबर मांगा।
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छात्र का आरोप है कि उसे मना करते हुए अध्यापक ज्ञान ने देख लिया। उसने बेरहमी से निर्मल का हाथ मरोड़ दिया था। दर्द से कराहते बच्चे को टीचर ने घर पर किसी को बताने पर स्कूल से निकालने की धमकी भी दी थी।
कई दिनों तक दर्द छिपाए निर्मल की तकलीफ जब असहनीय हो गई तो उसने परिजनों को जानकारी दी। पिता राम कुमार ने उसे ओल्ड स्थित एक क्लीनिक पर दिखाया था। वहां चिकित्सकों ने हाथ में फ्रैक्चर की बात बताई थी। फिर भी दर्द नहीं खत्म हुआ तो 18 सितंबर को दोबारा चेकअप कराया गया।
जांच के बाद चिकित्सक ने हाथ में इंफेक्शन होने और पस आने की बात बताई थी। इसके बाद ऑपरेशन कर बालक के हाथ से पस निकाला गया था। पीड़ित बालक को न्याय दिलाने के लिए रामकुमार रिपोर्ट दर्ज कराने सूरजकुंड थाने गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वापस कर दिया था।
मजबूर पिता ने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सोमवार को सूरजकुंड थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। एसएचओ सूरजकुंड ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।