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तो अब लूट से पहले ही पहुंचेगी पुलिस
पुरुषोत्तम वर्मा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Jan 2014 03:49 PM IST
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दिल्ली पुलिस ने बदमाशों पर लगाम लगाने को झपटमारी की वारदातों में चेन अथवा बदमाश के हाथ से रगड़ लगने पर आईपीसी की धारा 356 (झपटमारी) की बजाय आईपीसी की धारा 392 के तहत लूट का मामला दर्ज करना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस आयुक्त के आदेश पर शुरू की गई है।
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दिल्ली पुलिस आयुक्त भीम सेन बस्सी ने साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि झपटमारी के दौरान जबरदस्ती होती है अथवा पीड़िता को धक्का दिया जाता है तो लूट का मामला दर्ज होगा। इसके बाद से दिल्ली पुलिस झपटमारी की वारदातों को लूट की धारा में धड़ल्ले से दर्जकर रही है।
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जीके थाना इलाके में रविवार को गुड़गांव की एक महिला के साथ झपटमारी की वारदात हुई थी। बदमाशों ने महिला की उंगलिया मरोड़ दी थी। इस पर पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया है। दरअसल, धारा 356 के तहत सिर्फ तीन साल की सजा प्रावधान है वहीं 392 में दस से 14 साल की सजा का प्रावधान है। दूसरी तरफ लूट के मामले दर्ज करने से थानाध्यक्षों की मुश्किल बढ़ गई हैं।
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लूट की वारदात थानाध्यक्षों के खिलाफ जाती है। ऐसे में थानाध्यक्ष रणनीति बना रहे हैं कि वह पीड़ित के पास पीसीआर कॉल होने से पहले ही पहुंच जाएं, ताकि लूट का मामला दर्ज न करना पड़े। थानाध्यक्ष ने अपने पुलिसकर्मियों को उन जगहों पर तैनात करना शुरू कर दिया है, जहां महिलाएं एकत्रित होती हैं।