कैब एजेंसियों पर पुलिस सख्त, कर रही है गहन जांच
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छह महीने के अंदर उबर कैब में हुई दूसरी वारदात के बाद कैब एजेंसियों को लेकर पुलिस सख्त हो गई है। महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर गुड़गांव पुलिस ने थाना प्रभारियों को सभी ऑनलाइन आधारित कैब एजेंसियों का डाटा एकत्र करने का आदेश जारी किया है।
इसके अलावा उबर की गुड़गांव में चल रही कैब के चालकों का भी डाटा तैयार किया जाएगा। उबर कैब चालक द्वारा रोहिणी दिल्ली निवासी युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद मोबाइल एप पर आधारित कैब एजेंसियों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
घटना के बाद पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी चालक की शिकायत के लिए उसने उबर अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनके हेल्पलाइन नंबर तक नहीं मिल सके। इसे देखते हुए गुड़गांव में चल रहीं मोबाइल एप आधारित कैब एजेंसियों को लेकर गुड़गांव पुलिस सख्त हो गई है।
हर कैब की हो रही है जांच
इस घटना से सबक लेते हुए पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया है कि ऐसी कैब एजेंसियों के चालकों का डाटा जांचा जाए। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन के हेल्पलाइन नंबर के अलावा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की जाए।
मंगलवार को जारी किए गए आदेश के बाद उन्होंने खासतौर पर नए गुड़गांव में संचालित कैब एजेंसियों के दफ्तरों की जांच के आदेश दिए हैं। इस बारें में एसीपी क्राइम-एक राजेश कुमार ने बताया कि उबर कैब के मामले में लाइसेंस कैंसिल करना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
लेकिन स्थानीय स्तर पर कैब एजेंसियों का पूरा डाटा जांचा जाएगा।
उबर समेट चुकी है अपना कारोबार
पिछले साल दिसंबर में उबर कैब में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद ही उबर ने गुड़गांव से अपना कारोबार समेट लिया।
सिग्नेचर चौक के पास साउथ सिटी में बने दफ्तर को पहली घटना के कुछ दिनों बाद ही बंद कर दिया गया था। जांच में सामने आया है कि गुड़गांव में उबर का अब कोई दफ्तर नहीं है।
एक चालक ने बताया कि वे दिल्ली से ही अपना भुगतान लेते हैं।