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तीस हजारी बवालः पुलिस अधिकारी भी बोले जो हो रहा है वह अच्छा है
Wed, 06 Nov 2019 04:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 06 Nov 2019 04:29 AM IST
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तीस हजारी बवाल व साकेत कोर्ट के बाहर पुलिसकर्मी की पिटाई के बाद दिल्ली पुलिस के जवान मंगलवार को पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस कर्मियों के इस प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौन सहमति थी। कानून में बंधे होने के कारण वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अधिकारिक रूप से तो कुछ नहीं बोले, मगर मंद-मंद मुस्करा रहे थे। इस मौन सहमति के चलते ही आंदोलन को खत्म करने की जल्दबाजी नहीं दिखी।
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दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जो हो रहा है वह अच्छा हो रहा है। तीस हजारी व साकेत कोर्ट घटना के बाद दिल्ली पुलिस के जवानों में बहुत गुस्सा था। वकीलों ने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी थीं। आखिरकार पुलिसकर्मियों को यह करना ही था।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुछ कदम नहीं उठा रहे थे। ऐसे में पुलिसकर्मियों को यह करना पड़ा। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मी कब तक अपनी बेइज्जती सहन करते। बेइज्जती सहने की सीमा पार हो गई थी। पुलिसकर्मियों का हौंसला गिरता जा रहा था। पुलिसकर्मी जो कर रहे हैं ठीक कर रहे हैं।
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एक जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ज्यादातर पुलिसकर्मी प्रदर्शन में शामिल होने गए हैं। जब उनसे पूछा गया तो कहा कि जिला चल रहा है और कोई परेशानी नहीं हो रही है। जब उनसे ये पूछा गया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को रोका नहीं तो उन्होंने कहा कि नहीं। जो चले गए वह चले गए। दूसरी तरफ देखा जाए तो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी आंदोलन को खत्म करने की जल्दबाजी नहीं थी।
पुलिसकर्मी सुबह से ही पुलिस मुख्यालय के सामने एकत्रित होने शुरू हो गए थे जबकि आंदोलन को खत्म करवाने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारी साढ़े बारह बजे नीचे आए थे। सबसे पहले दक्षिणी रेंज संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्ताव आए थे।
फिर वकीलों की पिटाई से घायल हुए हरिंदर कुमार आए और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की। इसके बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक भी आए। इसके बाद पुलिस अधिकारी शाम के समय ही प्रदर्शनकारियों के बीच आए थे।