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बिल्ली का था शव, भ्रूण समझकर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 15 Apr 2017 08:11 PM IST
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नगीना में कपड़े में लिपटे शव को देखकर उस समय चिकित्सक हैरान रह गया जब उसमें एक मरी हुई बिल्ली मिली। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि अब इसका क्या किया जाए। तुरंत चिकित्सक ने पुलिस के जांच अधिकारी को शवगृह में बुलाकर कपड़े का सच दिखाया।
यह अनोखी घटना मेवात के गांव कोटा सराय की है। जिसमें पुलिस गत दिवस ही आंख बंद करके एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। खबर मिलते ही राष्ट्रीय जीव-जंतु आयोग ने बिल्ली की मौत का पता लगाने के लिए अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट व एफआईआर पुलिस अधीक्षक नूंह से मांगी है।
चिकित्सक को जब कुछ समझ में नहीं आया तो उसने नगीना स्थित अलआफिया अस्पताल के दो चिकित्सकों को फोन पर पूरी घटना से अवगत कराया। थोड़ी देर में डॉ. नसीम अहमद, डॉ. आशीष नूंह के पुराने अस्पताल में पहुंच गए। तब मिलकर तीनों चिकित्सकों ने बिल्ली के पोस्टमार्टम की ऐतिहासिक रिपोर्ट अपने रजिस्टर में दर्ज की। बात बिल्ली के शव की थी कि आखिर इसका अब क्या किया जाए। यह बिल्ली किस्मत वाली रही कि इसे नूंह के ऐतिहासिक कब्रिस्तान में दफनाया गया।
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मेवात क्षेत्र के गांव कोटा सराय में बने आईटीसी के जंगलों में शुक्त्रस्वार को कुछ लोगों ने एक अज्ञात शव को झाड़ियों में पड़े देखा था। तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एएसआई सतबीर को जांच अधिकारी नियुक्त किया। और उसने अपनी आईडी से अज्ञात के खिलाफ इसकी एफआईआर भी दर्ज कर दी।
सफेद कपड़े में लिपटे शव की गर्दन व पैर ऐसे बंधे थे जैसे यह किसी बच्चे का हो। कुछ महिलाएं आईटीसी कंपनी के पीछे जंगल से सूखी लकड़ियां लेने र्गइं थी। पता चला कि एक बंधे कपड़े से बदबू आ रही है। इसकी सूचना उन्होंने कंपनी के एक कर्मचारी को दी, तो उन्होंने तावडू थाना पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। पुलिस की जिप्सी पहुंची और मुलाजिमों ने शव को उठाकर गाड़ी में रख लिया। तावडू थाने में शनिवार को बाकायदा इस शव की एफआईआर दर्ज की गई।
देश के इतिहास में पहली बार किसी बिल्ली को कब्रिस्तान में दफनाया गया, वह भी कफन के साथ। जिस जगह नूंह अस्पताल है उसके साथ लगते हुए कब्रिस्तान है। उसी कब्रिस्तान में लालसिंह नामक कर्मचारी ने बिल्ली के शव को पूरी इज्जत के साथ एक गड्डे में दफना दिया।
बिल्ली के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. अनिल धनकड ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह का पता नहीं चल रहा क्योंकि शव पूरी तरह खराब हो चुका था। वहीं एएसआई सतबीर ने बताया कि कपडे़ में बंधा शव मिलने के आधार पर कानूनी प्रक्त्रिस्या के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला शनिवार का है।
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यह अनोखी घटना मेवात के गांव कोटा सराय की है। जिसमें पुलिस गत दिवस ही आंख बंद करके एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। खबर मिलते ही राष्ट्रीय जीव-जंतु आयोग ने बिल्ली की मौत का पता लगाने के लिए अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट व एफआईआर पुलिस अधीक्षक नूंह से मांगी है।
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चिकित्सक को जब कुछ समझ में नहीं आया तो उसने नगीना स्थित अलआफिया अस्पताल के दो चिकित्सकों को फोन पर पूरी घटना से अवगत कराया। थोड़ी देर में डॉ. नसीम अहमद, डॉ. आशीष नूंह के पुराने अस्पताल में पहुंच गए। तब मिलकर तीनों चिकित्सकों ने बिल्ली के पोस्टमार्टम की ऐतिहासिक रिपोर्ट अपने रजिस्टर में दर्ज की। बात बिल्ली के शव की थी कि आखिर इसका अब क्या किया जाए। यह बिल्ली किस्मत वाली रही कि इसे नूंह के ऐतिहासिक कब्रिस्तान में दफनाया गया।
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मेवात क्षेत्र के गांव कोटा सराय में बने आईटीसी के जंगलों में शुक्त्रस्वार को कुछ लोगों ने एक अज्ञात शव को झाड़ियों में पड़े देखा था। तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एएसआई सतबीर को जांच अधिकारी नियुक्त किया। और उसने अपनी आईडी से अज्ञात के खिलाफ इसकी एफआईआर भी दर्ज कर दी।
सफेद कपड़े में लिपटे शव की गर्दन व पैर ऐसे बंधे थे जैसे यह किसी बच्चे का हो। कुछ महिलाएं आईटीसी कंपनी के पीछे जंगल से सूखी लकड़ियां लेने र्गइं थी। पता चला कि एक बंधे कपड़े से बदबू आ रही है। इसकी सूचना उन्होंने कंपनी के एक कर्मचारी को दी, तो उन्होंने तावडू थाना पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। पुलिस की जिप्सी पहुंची और मुलाजिमों ने शव को उठाकर गाड़ी में रख लिया। तावडू थाने में शनिवार को बाकायदा इस शव की एफआईआर दर्ज की गई।
देश के इतिहास में पहली बार किसी बिल्ली को कब्रिस्तान में दफनाया गया, वह भी कफन के साथ। जिस जगह नूंह अस्पताल है उसके साथ लगते हुए कब्रिस्तान है। उसी कब्रिस्तान में लालसिंह नामक कर्मचारी ने बिल्ली के शव को पूरी इज्जत के साथ एक गड्डे में दफना दिया।
बिल्ली के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. अनिल धनकड ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह का पता नहीं चल रहा क्योंकि शव पूरी तरह खराब हो चुका था। वहीं एएसआई सतबीर ने बताया कि कपडे़ में बंधा शव मिलने के आधार पर कानूनी प्रक्त्रिस्या के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला शनिवार का है।