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दिल्ली पुलिस को नहीं मिल रहा गजेंद्र आत्महत्या केस में गवाह

Thu, 30 Apr 2015 03:04 PM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 03:04 PM IST
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Police is not getting witness in gajendra case

आप के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर दौसा, राजस्थान के किसान गजेन्द्र सिंह खुदकुशी मामले में पुलिस को अभी तक कोई ऐसा गवाह नहीं मिला है जो सही व सटीक जानकारी दे सके।

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खास बात ये है कि पुलिस को तफ्तीश को कोई दिशा नहीं मिल रही है, ताकि ये कहा जा सके कि गजेन्द्र ने खुदकुशी की है या फिर दुर्घटनावश उसकी मौत हुई है।

पुलिस ये जरूर मान रही है कि गजेन्द्र को खुदकुशी के लिए आप कार्यकर्ताओं ने उकसाया था। क्राइम ब्रांच ने पार्लियामेंट थाने में तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं।

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सुसाइड नोट पहुंचा हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास

Police is not getting witness in gajendra case

मामले की तफ्तीश कर रही क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश को अभी तक कोई लाइन नहीं मिली है। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि कोई प्रत्यक्षदर्शी मिलने के बाद ही तफ्तीश आगे बढ़ पाएगी।

दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने सुइसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेज दिया है। पुलिस ने गजेन्द्र सिंह की राइटिंग की मिलान के लिए उसकी बैंक खाते से उसके हस्ताक्षर लिए हैं।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस गजेन्द्र सिंह खुदकुशी मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को पहले ही सौंप चुकी है। पुलिस ने इस रिपोर्ट में साफ कहा है कि गजेन्द्र सिंह को आप कार्यकर्ता व समर्थकों ने खुदकुशी के लिए उकसाया था

टीवी चैनलों की फुटेज को खंगाल रही है पुलिस

Police is not getting witness in gajendra case

दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। टीवी चैनलों से मिली फुटेज को खंगाला जा रहा है।

ये बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने गृहमंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें आरोप लगाया है कि एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर पोस्टमार्टम को रोकने के लिए कहा था।

एसडीएम ने मोर्चरी के पास पहुंचकर ये कहा था कि उन्हें मजिस्ट्रेट जांच के लिए अधिकृत किया गया है। किसान का पोस्टमार्टम तुरंत नहीं कराया जा सकता था। जब पुलिस ने उनसे आदेश की कॉपी मांगी तो उनके पास कोई दस्तावेज नहीं था।

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