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रेप मामलाः इसलिए आरोपी नहीं हो सकते गिरफ्तार

Thu, 10 Sep 2015 10:48 AM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 10:48 AM IST
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Police involved in international agreement in this case

नेपाली लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपी माजिद पर कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय करार की वजह से पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं। बताया गया है कि कमिश्नरी की पुलिस ऐसे किसी पहले मामले में उलझी पड़ी है, जिसमें दो मित्र राष्ट्रों का मामला है।

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ऐसे में पुलिस असमंजस पर है कि किसका सहयोग किया जाए। दूतावास में कार्यरत अधिकारी पर लगे दुष्कर्म और अन्य गंभीर आरोप की जांच में पुलिस के हाथ बंधे हैं।
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कानूनी दांवपेच के चलते पुलिस को इस मामले में विदेश मंत्रालय से अनुमति का इंतजार है। मामला हाईप्रोफाइल रहने के कारण पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है।

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वियना संधि की वजह से उलझा है मामला

Police involved in international agreement in this case

वर्ष 1961 के वियना संधि के तहत एंबेसी में कार्यरत किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई करने से पहले विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है। सऊदी अरब एंबेसी की ओर से साफ तौर पर हरियाणा पुलिस पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया गया है।


इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस के सामने एक ओर नेपाल की पीड़ित लड़कियां हैं तो दूसरी ओर सऊदी अरब है। मामले के खुलासे पर मामला दर्ज कर इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब एंबेसी व पुलिस महानिदेशक को भेजी जा चुकी है।

मामला बड़ा होने के कारण कोई भी पुलिस अधिकारी मीडिया को कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।

पीड़ित लड़कियों का दोबारा हुआ मेडिकल

Police involved in international agreement in this case

भारत में सऊदी अरब के राजदूत के फर्स्ट सेक्रेटरी पर दो नेपाली लड़कियों से दुष्कर्म होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब और नेपाल एंबेसी के दखल के बाद बुधवार को पुलिस ने पीड़ित लड़कियों का दोबारा मेडिकल चेकअप कराया।


मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब, नेपाल एंबेसी और हरियाणा पुलिस के महानिदेशक को भेजी गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से पांच डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया।

बुधवार दोपहर बाद दोनों पीड़ितों का मेडिकल चेकअप किया गया। जबकि मंगलवार को पुलिस ने मेडिकल चेकअप और रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद ही एफआईआर दर्ज की थी।

पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही

Police involved in international agreement in this case

जबकि बुधवार की रिपोर्ट के बारे में पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस बारे में मुंह नहीं खोल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक उसे रिपोर्ट नहीं मिली है।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक करीब दो घंटे मेडिकल परीक्षण किया गया। जिसके बाद बोर्ड ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी और सिविल सर्जन की भी राय ली है।

मामला दूतावास और भारत के मैत्री देश होने के कारण पूरे मामले में सावधानी बरती जा रही है। अधिकारिक तौर पर कोई भी अधिकारी कुछ कहने से बच रहा है।

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