हत्या से 3 मिनट पहले अंजलि ने मोबाइल पर 34 सेकेंड तक की थी बात
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नोएडा में लावा मोबाइल कंपनी की इंजीनियर अंजलि राठौर की हत्या के दो दिन बाद भी नोएडा पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्यारोपी अश्वनी यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने भावलपुर, जसवंत नगर, इटावा स्थित उसके मूल निवास और दिल्ली के ठिकानों पर छापा मारा, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। गाजियाबाद में भी उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस उसके परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।
यमुना नगर, हरियाणा निवासी अंजलि की बुधवार सुबह 6:34 बजे सेक्टर-62 की पॉश सोसायटी शताब्दी रेल विहार में सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि बुधवार सुबह 6:05 बजे अश्वनी ने उसे फोन किया था। इसके बाद 6:31 बजे अश्वनी ने दोबारा अंजलि को फोन किया।
दोनों की 34 सेकेंड तक बात हुई। इसके तीन मिनट बाद सोसायटी के भूतल पर पार्किंग में सीढ़ियों के पास एक शख्स ने अंजलि के सिर में गोली मार दी। पुलिस को आशंका है कि 34 सेकेंड की ये कॉल आरोपी ने अंजलि को नीचे बुलाने के लिए की होगी।
दुकान के पते पर लिया है सिम
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी लाजपत नगर दिल्ली स्थित अपने दोस्त की दुकान में कुछ समय पहले तक काम करता था। इसी दुकान के पते पर उसने सिम कार्ड लिया है। अश्वनी काफी समय पहले यहां से काम छोड़ चुका था।
अक्सर अंजलि से मिलने आता था।
अंजलि और अश्वनी यादव की अक्सर मुलाकात होती थी। अंजलि के साथ पीजी में रहने वाली सहकर्मी दामिनी भी अश्वनी को जानती है। दामिनी में पूछताछ में पुलिस को बताया कि अंजलि ने ही उसे अश्वनी से मिलवाया था। अंजलि के साथ काम करने वाले लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। उन्होंने भी अश्वनी की फोटो देखकर उसे पहचान लिया। सहकर्मियों ने पुलिस को बताया है कि अश्वनी कई बार कंपनी के बाहर भी अंजलि से मिलने आता था। पुलिस फिलहाल तफ्तीश में जुटी है।