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गाजियाबाद: मंदिर में बवाल, पुलिसवाले पर गिरी गाज

Tue, 12 Aug 2014 11:16 AM IST
Updated Tue, 12 Aug 2014 11:16 AM IST
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police inspector suspended on ghaziabad bawal

गाजियाबाद के खिंदौड़ा कांड में पुलिसवालों की लापरवाही सामने आई है। एसएसपी ने निवाड़ी थाने में तैनात एसआई जगमोहन शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। खिंदौड़ा में बवाल के दौरान दरोगा मौके पर मौजूद थे।

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उनकी उपस्थिति के बावजूद वे हालात संभाल नहीं सके। इसे दरोगा की लापरवाही और ठीक तरह से कर्तव्य का निर्वहन न करना मानते हुए एसएसपी ने सोमवार को उन्हें सस्पेंड कर दिया।
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इसके अलावा भोजपुर थाने में तैनात सिपाही जगत सिंह को भी सस्पेंड किया गया है। सिपाही पर एसओ से अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। एसओ ने कप्तान से इसकी शिकायत की थी। एसएसपी ने इसकी पुष्टि की है।

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मंदिर में हो रहा था हवन, तभी पहुंची पुलिस

police inspector suspended on ghaziabad bawal

बता दें कि छह अगस्त को खरखौदा कांड को लेकर बैठक की सूचना पर गांव खिंदौडा पहुंची पुलिस ने मंदिर में हो रहे हवन की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लोग आग बबूला हो गए थे।

लोगों ने पथराव किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। पुलिस और गांववालों के बीच हुई इस संघर्ष में निवाड़ी एसओ समेत छह लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने विहिप के सचिव समेत 10 से ज्यादा गांववालों को हिरासत में ले लिया था।

खिंदौड़ा कांड
•एसओ से अभद्रता करने वाला सिपाही भी निलंबित
•एसएसपी ने माना-दरोगा नहीं कर पाए कर्तव्य का निर्वहन
•खरखौदा कांड को लेकर बैठक की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
•पुलिस ने वीडियोग्राफी की तो भड़क गए थे लोग

अब तक 56 हुए सस्पेंड

police inspector suspended on ghaziabad bawal

गाजियाबाद के लोगों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस को खुद अनुशासन रास नहीं आ रहा है। अफसरों का निर्देश हो या पुलिस मैनुअल, गाजियाबाद पुलिस ने सभी को ताक पर रखा है।

उगाही, रिश्वत और बदमाशों से साठगांठ तक के आरोप में इस वर्ष अब तक 56 पुलिसवाले सस्पेंड हो चुके हैं। इनमें 10 दरोगा, 7 हेड कांस्टेबल और 39 सिपाही हैं। ये आंकड़े पिछले सात माह के हैं, यानि हर माह आठ पुलिसवालों पर कार्रवाई हुई है। यह सिलसिला जारी है। पिछले साल 121 पुलिसवालों पर निलंबन की गाज गिरी थी।

इनमें से 30 से ज्यादा ऐसे पुलिसवाले भी थे, जिनके खिलाफ एफआईआर हुई थी। इनमें से कई को जेल की हवा खानी पड़ी थी। सस्पेंड किए गए पुलिसवालों में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल थे।

एसएसपी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त या कानून तोड़ने वाले किसी भी पुलिसवाले को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबन की कार्रवाई कर उसकी विभागीय जांच भी कराई जाएगी।

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