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बेसहारा मां-बेटी को पुलिस ने दिया सहारा, पति ने किया था जानलेवा हमला
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:05 PM IST
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दिल्ली पुलिस की संगम विहार थाना पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश कर पुलिस का अलग चेहरा पेश किया है। संगम विहार थाना पुलिस ने होली वाले दिन पति के हमले में बची महिला व उसकी बेटी को गोद लिया है। पुलिस की तत्परता के चलते महिला व उसकी बेटी बच गई थी।
दोनों की सहायता के लिए अब दिल्ली हाईकोर्ट के वकील भी सामने आए हैं। वकीलों ने शनिवार को एक लाख रुपये सहायता स्वरूप महिला को दिए और बेटी का स्कूल में दाखिला दिलाने की बात कही।
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संगम विहार में रहने वाले वकील जितेन्द्र बहादुर सिंह ने आर्थिक तंगी के चलते डिप्रेशन में आकर दो बेटियों व पत्नी पर जानलेवा हमला कर खुद पर चाकू से हमला कर दिया था। इसमें वकील जितेन्द्र बहादुर सिंह व नौ वर्षीय बेटी नेहा की मौत हो गई थी।
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संगम विहार थानाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने अपनी जिप्सी से वकील की पत्नी मीनाक्षी व बड़ी बेटी दीपिका को समय रहते अस्पताल में भर्ती करा दिया था, इस कारण दोनों की जान बच गई थी। संगम विहार थाना पुलिस ने महिला व उसकी बेटी को उस समय से गोद ले लिया था। थाने में तैनात पुलिसकर्मी हर महीने आठ हजार रुपये एकत्रित कर महिला को देते हैं।
मीनाक्षी की बेटी स्कूल नहीं जा रही थी
अब हाईकोर्ट के वकील का एक ग्रुप सामने आया है। वकील श्यामसुंदर शर्मा ने बताया कि उनका एक व्हाट्स एप ग्रुप बना हुआ है। उसमें कमल निझामन, संध्या कोहली, कमल चौधरी, सुजाता कश्यप समेत 40 से ज्यादा वकील जुड़े हुए हैं। सभी ने महिला की सहायता करने की ठानी।
एक लाख रुपये एकत्रित कर महिला मीनाक्षी को शनिवार को दिए गए। श्यामसुंदर ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से मीनाक्षी की बेटी स्कूल नहीं जा रही थी। अब वकीलों ने महिला को हर महीने 10 हजार रुपये देने का फैसला किया है, ताकि मीनाक्षी की बेटी स्कूल जा सके। उन्होंने कहा कि वह जितेन्द्र बहादुर कोहली को नहीं जानते थे, मगर इंसानियत के नाते एक वकील की सहायता कर रहे हैं।
मीनाक्षी का ये कहना है-
महिला मीनाक्षी का कहना है कि उसे संगम विहार थाने से हर महीने पैसे मिल रहे थे। मगर उन पैसों से उसका खर्चा व मकान का किराया दे पाती थी। अब वकील भी सामने आए हैं। उन्होंने उसे एक लाख रुपये दिए हैं और हर महीने दस हजार रुपये देने की बात कही है। मीनाक्षी का कहना है कि धरती पर अच्छे लोग भी रहते हैं।
एक लाख रुपये एकत्रित कर महिला मीनाक्षी को शनिवार को दिए गए। श्यामसुंदर ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से मीनाक्षी की बेटी स्कूल नहीं जा रही थी। अब वकीलों ने महिला को हर महीने 10 हजार रुपये देने का फैसला किया है, ताकि मीनाक्षी की बेटी स्कूल जा सके। उन्होंने कहा कि वह जितेन्द्र बहादुर कोहली को नहीं जानते थे, मगर इंसानियत के नाते एक वकील की सहायता कर रहे हैं।
मीनाक्षी का ये कहना है-
महिला मीनाक्षी का कहना है कि उसे संगम विहार थाने से हर महीने पैसे मिल रहे थे। मगर उन पैसों से उसका खर्चा व मकान का किराया दे पाती थी। अब वकील भी सामने आए हैं। उन्होंने उसे एक लाख रुपये दिए हैं और हर महीने दस हजार रुपये देने की बात कही है। मीनाक्षी का कहना है कि धरती पर अच्छे लोग भी रहते हैं।