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कंझावला कांड: पुलिस को एक अप्रैल तक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश, आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ी
Tue, 28 Mar 2023 09:43 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 28 Mar 2023 09:43 PM IST
सार
अदालत ने पुलिस से कहा कि आरोप पत्र दाखिल करने का 90 दिन का समय एक अप्रैल को समाप्त हो रहा है। आप कब तक आरोप पत्र दाखिल करेंगे। जांच अधिकारी ने जवाब दिया कि आरोपपत्र तैयार हो चुका है और उसकी जांच की जा रही है। इसे जल्द दाखिल कर दिया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अदालत ने कंझावला मामले में दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने और एक अप्रैल तक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। आरोपियों पर एक जनवरी को तड़के कार से टक्कर मारकर एक 20 वर्षीय युवती को कई किलोमीटर तक घसीटकर हत्या करने का आरोप है। रोहिणी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सान्या दलाल ने इसके साथ ही इस मामले के पांचों आरोपियों की न्यायिक हिरासत एक अप्रैल तक बढा दी।
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अदालत ने पुलिस से कहा कि आरोप पत्र दाखिल करने का 90 दिन का समय एक अप्रैल को समाप्त हो रहा है। आप कब तक आरोप पत्र दाखिल करेंगे। जांच अधिकारी ने जवाब दिया कि आरोपपत्र तैयार हो चुका है और उसकी जांच की जा रही है। इसे जल्द दाखिल कर दिया जाएगा। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167 के तहत अगर जांच एजेंसी 60 या 90 दिन के भीतर अदालत में आरोप पत्र दाखिल नहीं करती तो आरोपी जमानत पाने का हकदार हो जाता है।
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दिल्ली पुलिस ने 2 जनवरी को दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने हालही में इस मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) लगाया है, जबकि शुरू में यह मामला गैर इरादतन हत्या और सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का था। इस मामले के दो आरोपी आशुतोष भारद्वाज एवं अंकुश को पहले ही अदालत ने जमानत दे दी है, जबकि दीपक खन्ना की जमानत याचिका को सत्र अदालत ने खारिज कर दिया है।
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