फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Police detained Wangchuk's supporters who were protesting outside Ladakh Bhawan in Delhi

Delhi: लद्दाख भवन के बाहर धरना दे रहे वांगचुक के समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया,  धारा 163 पर उठाए सवाल

Sun, 13 Oct 2024 09:57 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Sun, 13 Oct 2024 09:57 PM IST
सार

वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि धारा 163 लागू की गई है। यह अफसोसजनक है कि लोकतंत्र की जननी पर पूरे साल इस तरह का प्रतिबंध लगा रहता है।
 

विज्ञापन
Police detained Wangchuk's supporters who were protesting outside Ladakh Bhawan in Delhi
दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने रविवार को लद्दाख भवन के बाहर से कई लोगों को हिरासत में ले लिया। जहां जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर छह अक्तूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। पहले पुलिस ने कहा था कि हिरासत में लिए गए लोगों में सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, लेकिन बाद में नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त देवेश महला ने इससे इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लद्दाख भवन के बाहर से कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है। उनमें सोनम वांगचुक शामिल नहीं हैं।

विज्ञापन


इस बीच वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनाधिकृत सभाओं पर रोक लगाने वाली भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 नई दिल्ली में स्थायी रूप से क्यों लागू है। उन्होंने कहा कि यहां कई लोग मौन विरोध प्रदर्शन करने आए थे। यह वास्तव में दुखद है कि उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। यह दुखद है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मौन विरोध प्रदर्शन भी नहीं कर सकते। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि धारा 163 लागू की गई है। यह अफसोसजनक है कि लोकतंत्र की जननी पर पूरे साल इस तरह का प्रतिबंध लगा रहता है। वांगचुक ने कहा कि यह धारा आमतौर पर अस्थायी रूप से तभी लागू की जाती है, जब कानून-व्यवस्था के बाधित होने की संभावना होती है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर एक धब्बा है। अदालतों को इसका संज्ञान लेना चाहिए। ऐसी धाराएं स्थायी रूप से कैसे लगाई जा सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed