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2000 कारतूसों की खेप के साथ एक शख्स गिरफ्तार, बनाता था हथियारों के फर्जी लाइसेंस

Sun, 17 Mar 2019 03:21 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: vivek shukla Updated Sun, 17 Mar 2019 03:21 AM IST
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Police cought a man with 2000 Cartridges in delhi
आरोपी

चुनाव से पहले दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को अवैध कारतूसों की बड़ी खेप बरामद हुई है। अपराध शाखा ने 62 वर्षीय एक शख्स को गिरफ्तार कर उसके पास से 2000 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान फजिल्का (पंजाब) निवासी अमरलाल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर और .315 बोर के एक-एक हजार कारतूस बरामद किए हैं। 

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आरोपी दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदमाशों को कारतूस सप्लाई कर रहा था। आरोपी ने खुलासा किया है कि आठ माह के दौरान 10 हजार से अधिक कारतूस सप्लाई कर चुका है। बरामद कारतूसों को बदमाश चुनाव के दौरान इस्तेमाल करने वाले थे। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. जी. राम गोपाल ने बताया कि कुछ समय से अपराध शाखा ने अवैध हथियारों का धंधा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। पुलिस को जानकारी मिली कि अमरलाल बदमाशों को मोटे मुनाफे पर कारतूस सप्लाई कर रहा है। उसकी जानकारी जुटाने के लिए एसीपी पंकज सिंह, इंस्पेक्टर विकास राणा, एसआई सुनील ट्योटिया व अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की।

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20 साल से था धंधे में लिप्त

इस बीच एएसआई जयप्रकाश को शुक्रवार शाम को सूचना मिली कि अमरलाल सोनिया विहार, पुश्ता रोड के पास कारतूसों के साथ आने वाला है। पुलिस ने कार सवार अमरलाल को दबोच लिया। उसकी कार से 2000 कारतूस और 25 हजार रुपये बरामद हुए। आरोपी ने बताया कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के  बदमाशों को कारतूस सप्लाई करने आया था।

मूलरूप से अबोहर (पंजाब) निवासी अमरलाल ने शुरुआत में बंदूकों की दुकान में सेल्समैन की नौकरी शुरू की थी। बाद में उसने अपनी खुद की बंदूकों की दुकान खोल ली। इसी दौरान उसका परिवार बीमारी से घिर गया, जिसमें उसका काफी पैसा लग गया। इसके बाद उसने अवैध कारतूस बेचने का धंधा शुरू किया। लगभग 20 साल से वह इस धंधे में लिप्त है। आरोपी शाहबाद, अंबाला से 125-150 रुपये में कारतूस खरीदकर आगे 200-250 रुपये में बेचता था।

हथियारों के फर्जी लाइसेंस भी बनाता था
आरोपी अमरलाल ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनाने का धंधा भी शुरू किया था। इसी कड़ी में वर्ष 2002 में सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में वह जमानत पर रिहा होकर दोबारा अवैध कारतूसों का धंधा करने लगा। इसके बाद 2011 में उसे मानसा (पंजाब) में एक बार फिर गिरफ्तार किया गया। बाद में कोतवाली फरीदकोट पुलिस ने अवैध कारतूस बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया।

वैध गन हाउस वाले उपलब्ध कराते थे कारतूस
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि अमरपाल को वैध गन हाउस वाले ही कारतूस उपलब्ध कराते थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि गन हाउस के मालिक जिन लोगों के वैध लाइसेंस होते हैं, लेकिन वह अपने कोटे के कारतूस हर साल नहीं खरीदते हैं, उनके कोटे के कारतूस अवैध तरीके से इन हथियारों के सप्लायरों को बेच देते हैं। ऐसे में गन हाउस वालों व इन्हें खरीदकर बेचने वाले लोगों को मोटा मुनाफा होता है।

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