कार में गैंगरेप ने लगाई पुलिस आयुक्त के तबादले पर मुहर..
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राजीव गांधी चौक से युवती का अपहरण कर चलती कार में गैंग रेप के मामले की गाज पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी पर गिर गई है। हालांकि इसकी पटकथा नए साल पर अपराध के तुलनात्मक आंकड़े आने के साथ ही लिख दी गई थी। शनिवार शाम को युवती से गैंग रेप की घटना ने उनके तबादले पर मोहर लगा दी।
पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी बीते साल औद्योगिक नगरी में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगा सके थे। हालांकि उन्होंने जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पुलिस और जनता के सहयोग की कई स्कीमें चलाई थीं। बावजूद इसके वर्ष 2017 में महिला यौन उत्पीड़न सहित हर तरह के अपराध में 30 फीसदी तक बढोतरी दर्ज की गई थी।
चार जनवरी को पुलिस आयुक्त ने पिछले दो वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े पेश किए थे, जिसमें अपराध थामने में उनकी कार्य कुशलता में कमी साफ दिखाई दे रही थी। पुलिस आयुक्त ने महिला संबंधी अपराध की रोकथाम के लिए एफआईआर एप लांच किया तो स्कूलों में जागरूकता अभियान भी चलवाए।
शहर में महिला यौन उत्पीड़न की घटनाएं भी कम नहीं हो रहीं थीं
इधर पुलिस आयुक्त की कवायद जारी थी, उधर महिला यौन उत्पीड़न की घटनाएं भी कम नहीं हो रहीं थीं। बेटी बचाओ अभियान चलाने वाली सरकार की त्यौरियां औद्योगिक नगरी में महिला संबंधी अपराध बढ़ने से तन चुकी थीं। ऐसे में शनिवार को शहर के भीड़ भाड़ वाले राजीव चौक से युवती का अपहरण कर चलती कार में उसे गैंग रेप का शिकार बनाया गया।
निर्भया कांड जैसा केस सुर्खियों में आते ही सरकार ने पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी का तबादला कर अपनी छवि दुरुस्त करने की कवायद अंजाम दी। डा. कुरैशी के स्थान पर तेज तर्रार आईपीएस अमिताभ ढिल्लों को औद्योगिक नगरी के अपराध थामने का बीड़ा थमाया गया है।
डा. कुरैशी को आईजी सिक्योरिटी जैसे जनता से सीधे संबंध न रखने वाले पद पर भेजा गया है।