रामलीला में दिखेगा पीएम का डिजिटल इंडिया
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साइबर सिटी की रामलीला में इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया की झलक दिखेगी। शहर में सबसे पुरानी रामलीलाला में पर्दे जहां रिमोट से खुलेंगे वहीं एक रामलीला की वीडियो यू-ट्यूब पर डालकर सात समंदर पार बैठे लोगों को रामलीला देखने का इंतजाम किया जाएगा।
जैखमपुरा में दुर्गा समिति की रामलीला के 50 साल पूरे हो रहे हैं। यहां पर होने वाली भीड़ को देखते हुए नाइट विजन के आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
जिनका अलग से कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके साथ ही रामलीला में होने वाले दृश्य का पर्दा कंट्रोल रूम में बैठकर रिमोट से खोला जा सकेगा। इस बार की राम लीला में सबसे आकर्षण का केन्द्र हनुमान जी का संजीवनी लेकर आने का दृश्य होगा।
ड्रोन के सहारे थर्मोकोल से बने हनुमान जी 500 मीटर ऊंचाई पर पहाड़ लेकर आते हुए दिखाए जाएंगे। नीचे आने पर हनुमान जी का किरदार निभाने वाला कलाकार उससे जुड़ जाएगा।
ये रामलीला की खूबियां
इस रामलीला के वाइस चेयरमैन रमेश कालड़ा कहते हैं कि बदलते युग में डिजिटल होने की कोशिश है। रामलीला का फेसबुक पर अपना पेज है। जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाता है। सदर बाजार की रामलीला को तो यू-टूयूब पर ऑनलाइन देखने की सुविधा उपलब्ध होगी।
पुराने लोगों का होता है सम्मान-
रामलीला समिति की ओर से 50 वर्षो से जुड़े लोगों का सम्मान किया जाता है। रामलीला के स्टेज पर ही एक बोर्ड है जिसमें अब तक जुड़े रहे सभी लोगों का नाम अंकित है।
इस सूची में उनका भी नाम है, जो आज इस दुनिया में नहीं है। इसके साथ उनको भी शामिल किया गया है जो किसी कारण उनका साथ छोड़ चुके हैं।
रामलीला की दिखती है दीवानगी-
रामलीला समिति में आयकर विभाग से लेकर हाईकोर्ट तक के वकील शामिल हैं। ज्यादातर व्यापारी हैं। जो दिन में कारोबार करते हैं व रात को रामलीला में अभिनय करते हैं। आईटी सेक्टर में काम करने वाले भी इसमें शामिल हैं।