इनसे खफा हैं मोदी, सुधरने को दी एक हफ्ते की मोहलत
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जम्मू-कश्मीर और झारखंड चुनाव में मिली सफलता के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली चुनाव की तैयारियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
जैसे ही उन्हें पता चला कि दिल्ली में कुछ सांसद चुनाव की तैयारियों को हल्के में ले रहे हैं तो उन्होंने तुरंत ही एक मीटिंग बुलाई और उन सांसदों की क्लास लगा दी जिनका नाम सामने आया है।
बता दें कि इससे पहले अमित शाह भी दिल्ली में चुनाव की तैयारियों में सुस्ती के चलते प्रदेश नेतृत्व को लताड़ चुके हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मामले में हस्तक्षेप करने से मामला बेहद गंभीर हो चुका है।
पीएम उन सांसदों से नाराज हैं जिन्होंने दिल्ली विधानसभा के प्रचार के लिए आयोजित नुक्कड़ सभाओं में भाग नहीं लिया। प्रधानमंत्री ने एक बैठक में उन सभी सांसदों की सूची मांगी जिन्होंने नुक्कड़ सभाओं में हिस्सा नहीं लिया। नाराजगी की असल वजह मोदी का आदेश है जिसमें उन्होंने सभी सांसदों को इन नुक्कड़ सभाओं में भाग लेने के लिए सख्त निर्देश थे।
2700 की जगह केवल 1200 सभाएं हुईं
सूत्रों का कहना है कि इन सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। खबरों की मानें तो पीएम ने उन केंद्रीय मंत्रियों को भी तलब किया है, जो नुकक्ड़ सभाओं में अनुपस्थित थे। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस नियम से मंत्रियों को राहत मिल सकती है।
दिल्ली बीजेपी ने करीब 2700 जनसभाएं करने की योजना बनाई थी। 1 से 20 दिसंबर के बीच होने वाली इन सभाओं में 300 से भी ज्यादा सांसदों को भाग लेना था। हालांकि इस बीच सिर्फ 1200 सभाएं ही की गईं जिसमें केवल 238 सांसदों ने हिस्सा लिया।
इन सांसदों में 19 केंद्रीय मंत्री थे जिनमें रवि शंकर प्रसाद, डॉ. हर्षवर्धन और साध्वी निरंजना ज्योति प्रमुख हैं। सूत्रों का कहना है कि लगभग 100 सभाओं में सभी तैयारियों के बावजूद संबंधित सांसद नदारद रहे।
31 दिसंबर तक सभाएं करने का दिया निर्देश
बता दें कि नुक्कड़ सभाओं का आयोजन उन वोटरों के लिए किया गया था जो दिल्ली के बाहर से आकर यहां बसे हैं। इन सभाओं को मकसद विभिन्न राज्यों के सांसदों द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों को संबोधित कर उन्हें भाजपा के लिए वोट करने को प्रेरित करना था।
एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि नुक्कड़ सभाओं का मकसद लोगों को ये एहसास दिलाना भी था कि वो अपने घर या शहर से दूर नहीं है। जिन लोगों ने भी उन 50 सांसदों की लिस्ट देखी है उन्होंने उन सांसदो का नाम बताने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि जिन 50 सांसदों का नाम इस लिस्ट में है वह संभवतः गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारतीय राज्यों से हैं। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को 31 दिसंबर तक सभी जनसभाएं पूरी करने को कहा है।