क्या है कृत्रिम बारिश?: PM के प्रधान सचिव ने वायु प्रदूषण पर की हाईलेवल मीटिंग, गोपाल राय ने लिखी थी चिट्ठी
Delhi Air Pollution: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पीएम मोदी के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की। प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए उपायों पर चर्चा हुई।
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दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली होने लग रही है। हवा में पराली का धुआं घुलने लगा है। इस सीजन में पहली बार है कि हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी सामने आई है। 10 अक्तूबर को ही दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख दी। जिसके बाद आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा दिल्ली के हालातों पर उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं।
पीएम मोदी के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक उपायों को लागू करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्रालयों और दिल्ली प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों वाले टास्क फोर्स ने मौजूदा रणनीतियों की समीक्षा की और प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए अतिरिक्त कदम क्या उठाए जा सकते हैं। इसको लेकर चर्चा की है।
Dr PK Mishra, Principal Secretary to the Prime Minister, chaired a meeting of the High-Level Task Force on combative air pollution. The meeting focused on assessing the readiness of the Delhi Government and other stakeholders in implementing both immediate and long-term measures…
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 11, 2024
गोपाल राय ने केंद्र को लिखी थी चिट्टी
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारियों के संबंध में एक बैठक करने की केंद्र से मांग की थी। चिट्ठी में गोपाल राय ने मांग की है कि क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) कराने की अनुमति को लेकर बैठक बुलाई जाए। गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को चिट्ठी लिखी थी। चिट्टी में दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर समय से पहले जरूरी कदम उठाने के लिए कहा था।
Delhi Environment Minister Gopal Rai (@AapKaGopalRai) writes to the Union Environment Minister requesting to immediately convene meetings with all relevant stakeholders which are supposed to issue NOCs to conduct cloud seeding. pic.twitter.com/t9OIIuYZoq
— Press Trust of India (@PTI_News) October 10, 2024
क्या है कृत्रिम वर्षा?
दिल्ली में हर साल वायु प्रदूषण फैलता है। जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कृत्रिम वर्षा यानी आर्टिफिशियल बारिश कराने की योजना बना रही है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को बिना बारिश के कम नहीं किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार और आईआईटी कानपुर के बीच राजधानी में कृत्रिम वर्षा कराने को लेकर वार्ता चली थी।
इसे पहले सितंबर 2023 में अरविंद केजरीवाल ने द कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के साथ बैठक में कहा था कि चीन व दुबई में क्लाउड सीडिंग तकनीक इस्तेमाल की जा रही है, उसी तर्ज पर दिल्ली में खासकर सर्दी के तीन महीने के दौरान इसकी संभावना देखेंगे। इसमें सीआईआई, दिल्ली सरकार का साथ देगी।
देश के नामचीन शिक्षण संस्थानों में शुमार आईआईटी कानपुर ने क्लाउड सीडिंग के जरिए कृत्रिम बारिश की टेक्नॉलजी विकसित की है। संस्थान ने जून 2023 में इसका परीक्षण किया था। दरअसल, कृत्रिम वर्षा वह होती है जो कृत्रिम रूप से 'सूखी बर्फ' (जमे हुए कार्बन डाइऑक्साइड), सिल्वर आयोडाइड या अन्य उपयुक्त कणों के साथ बादलों को मंडराने से उत्पन्न होती है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, सिल्वर आयोडाइड या अन्य कण संघनन नाभिक के रूप में कार्य करते हैं।
सरल शब्दों में समझें तो विमानों के जरिए बादलों पर खास तरह के रसायनों का छिड़काव किया जाता है, जिसके बाद वह वर्षा होती है। कृत्रिम बारिश कराने के लिए मौसम में विशेष परिस्थिति की जरूरत होती है। जैसे पर्याप्त नमी के साथ बादल और हवा दोनों हो। यह तकनीक ठंड और गर्म बादलों दोनों के लिए अलग-अलग होती है।
बौछार बढ़ाने में
बर्फबारी बढ़ाने में
वर्षा में वृद्धि
ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम करने में
कोहरा छांटने में