चश्मदीद गवाह के अपहरण में बुरे फंसेंगे अमर सिंह!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली की अदालत ने वर्ष 2008 के कैश फॉर वोट मामले के चश्मदीद गवाह के अपहरण केस में दायर शिकायत को खारिज करने संबंधी मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला 8 अगस्त तक टाल दिया।
मामले में सोमवार को फैसला सुनाया जाना था। मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज कपूर ने शिकायतकर्ता हश्मत अली के अधिवक्ता और अमर सिंह व अन्य का तर्क सुनने के बाद 28 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था। हश्मत का दावा है कि कैश फॉर वोट मामले में वह चश्मदीद गवाह रहा है।
अब लगे और भी गंभीर आरोप
हश्मत अली के वकील ने अदालत को बताया था कि 25 सितंबर 2008 को उनके मुवक्किल का खान मार्केट से तरुण और रमेश ने अपहरण कर लिया था। वे दोनों उसे अमर सिंह के निवास पर ले गए। यह सब इस कारण किया गया कि उनका मुवक्किल संसदीय जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज नहीं करा सके।
वहीं दूसरी तरफ अमर सिंह के अधिवक्ता ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने हश्मत अली के बयानों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही फैसला दिया था। इसके अलावा पुलिस ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे साबित हो कि अपहरण की घटना हुई हो। मजिस्ट्रेट ने जनवरी माह में शिकायत खारिज की थी।