पिंकी ने की पांच प्रोफेसरों की पहचान
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गर्ल्स कॉलेज की छात्रा पिंकी चौहान के आत्मदाह के प्रयास मामले में पुलिस
जिसके बाद पुलिस की रडार पर ये पांचों प्रोफेसर आ गए है। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस ने मंगलवार को फिर कॉलेज स्टाफ के बयान दर्ज किए है।
इस मामले में जिला प्रशासन की तरफ से पुलिस पर दिए गए दबाव के बाद देरारात ही पुलिस की तरफ से कॉलेज प्रबंधन का डाटा एकत्रित कर पीड़िता से पहचान कराई गई।
रात नौ बजे सफदरजंग अस्पताल में सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने 85 कॉलेज स्टाफ के फोटो पहचान के तौर पर दिखाए। जिसमें पीड़िता ने उस दिन के घटनाक्रम में शामिल हुए पांच प्रोफेसरों की पहचान कर ली।
पांचों प्रोफेसरों से चल रही है पूछताछ
इस पहचान को पुलिस बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। उसी आधार पर पुलिस ने जांच
बढ़ानी शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन आरोपी प्रोफेसरों में
चार महिला स्टाफ के एक पुरूष प्रोफेसर है जिसने पिंकी के साथ मारपीट की थी।
हालांकि पुलिस अभी इसे जांच का विषय बता रही है लेकिन पुलिस की रडार पर
फिलहाल इन पांचों संदिग्ध प्रोफेसर आ गए है जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर
रही है। हालांकि, बताया जा रहा है कि इन फोटोग्राफ में उस महिला प्रोफेसर
की फोटो नहीं आई।
जिसने पिंकी को माचिस देकर आत्मदाह करने के लिए उकसाया
था। पुलिस के मुताबिक अभी कॉलेज के कई और कॉलेज स्टाफ की फोटो पहचान बाकी
है। जिन्हें भी पिंकी से पहचान कराई जाएगी।
प्रशासन को दो दिन की मोहलत
एसआईटी इंचार्ज एसीपी रमेशपाल के मुताबिक इस मामले में अभी कई कोणों से
जानकारी जुटाई जा रही है। जिसमें कॉलेज स्टाफ के अलावा छात्राओं से भी
पूछताछ की जा रही है।
वहीं, सफदरजंग अस्पताल में दाखिल पिंकी की हालत अभी
भी स्थिर बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक उसे लगातार ऑक्सीजन चढ़ाया जा रहा
है। वह बार-बार बेहोश हो रही है। रात को पुलिस की तरफ से आरोपियों की
पहचान के लिए शुरू की गई कार्रवाई के दौरान भी पीड़िता को काफी परेशानी हुई
थी। इसे लेकर परिजन काफी चिंतित है
इस मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट
परिजनों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिसमें मंगलवार को
भोंडसी गांव में पंचायत कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की घोषणा करने की
तैयारी की जा रही थी। बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए
प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर जल्द मामले को
सुलझाने का आश्वासन दिया है।
बताया जा रहा है कि इसमें प्रशासन के शीर्ष
स्तर के अधिकारियों को निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके बाद
ग्रामीणों ने प्रशासन को दो दिन की और मोहलत दी है। परिजनों के मुताबिक दो
दिनों में अगर प्रशासन कोई ठोस परिणाम नहीं निकाल पाया तो वे पिंकी के
इंसाफ के लिए आंदोलन भी कर सकते है।