फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

दिल्ली के 'चुनावी रण' में उतरा एक नया अंबेडकर

Wed, 27 Aug 2014 05:59 PM IST
Updated Wed, 27 Aug 2014 05:59 PM IST
विज्ञापन
Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

देश के राजनीतिक धरातल पर भले ही लेफ्ट की जमीन खिसक रही हो लेकिन दिल्ली में इसका गढ़ समझे जाने वाले जेएनयू में मिली करारी शिकस्त ने इसे बेहद चौकन्ना कर दिया है। इस खतरे से लड़ने के लिए कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्सवादी की छात्र शाखा स्टूडेंड फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस बार खास तैयारी की है।

विज्ञापन


देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट इलेक्शन का माहौल बनने लगा है।

पिछले साल हुए इलेक्शन में एसएफआई को करारी मात मिली थी। अपनी पुरानी जमीन को फिर से पाने के लिए उसने एक नए चेहरे को कैंपस में उतारने का फैसला किया है।

वैसे तो लेफ्ट पार्टियों का असर पूरे देश में ही कम होता जा रहा है, लेकिन जेएनयू को इसके वैचारिक गढ़ के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में एसएफआई ने इस बार जेएनयू स्टूडेंट इलेक्शन में प्रेसिडेंट पद के लिए एक दलित चेहरे को चुनाव में उतारने का फैसला किया है।
विज्ञापन

कौन है यह नया चेहरा

Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

नक्सल प्रभावित तेलंगाना के नालगोंडा में एक किसान परिवार में जन्में पिंडिगा अंबेडकर की उम्र 29 साल है। उनके नाम के आगे अंबेडकर लगा होने की भी एक रोचक कहानी है।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उनके पिता जब पहली बार हैदराबाद गए तो उन्होंने डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा देखी। उस वक्त उन्हें नहीं पता था कि यह किसकी प्रतिमा है।

उनके पिता ने लोगों से इस प्रतिमा के बारे में पूछा तो उन्हें पता चला कि बाबा साहब ने दलितों के लिए क्या काम किया है और भारतीय इतिहास में उनका कितना बड़ा योगदान है।

उनके पिता ने तय किया कि अपने बेटे के नाम के आगे वह अंबेडकर जरूर लिखेंगे। हालांकि इस घटना के कई सालों बाद पिंडिगा का जन्म हुआ।

हैदराबाद में दिखा चुके हैं जलवा

Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

वामपंथी विचारधारा के साथ उनका पहला जुड़ाव हैदराबाद के निजाम कॉलेज में हुआ। अंबेडकर ने बताया कि उस कॉलेज में ग्रामीण इलाके के छात्र एकजुट नहीं थे। हमने तय किया कि हम एकजुट होंगे और सांप्रदायिक ताकतों को पराजित करेंगे।

गौरतलब है कि जेएनयू के अब तक हुए 30 स्टूडेंट यूनियन प्रेसिंडेंट में से 18 प्रेसिडेंट कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्सवादी की छात्र शाखा एसएफआई से रहे हैं। इस शानदार रिकॉर्ड के बावजूद छात्रसंघ के पिछले चुनाव में एसएफआई का एक भी उम्मीदवार विजयी नहीं हो सका।

राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा नाम रखने वाले सीताराम येचुरी और प्रकाश करात जैसे नेताओं ने भी जेएनयू की छात्र राजनीति से ही अपनी शुरूआत की थी। लेकिन फिलहाल कैंपस में लेफ्ट का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है।

विज्ञापन

जेएनयू में राजनीतिक वातावरण का घोर अभाव

Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

एसएफआई ने आखिरी बार 2006-07 के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के साथ काउंसलर्स के भी कई पद जीते थे। सात साल बाद यहां की 35 सदस्यीय स्टूडेंट यूनियन में एसएफआई का एक भी प्रतिनिघि नहीं है।

अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत कर रहे अंबेडकर का कहना है कि वह जेएनयू के डिबेट कल्चर को फिर से स्‍थापित करना चाहते हैं। वह मानते हैं कि कैंपस में अभी भी एसएफआई की पकड़ अच्छी है।

अंबेडकर का कहना है कि कैंपस में राजनीतिक वातावरण का घोर अभाव है। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के संविधान के मुताबिक इसकी हर सेमेस्टर में कम से कम दो बैठकें होनी चाहिए लेकिन हमने अभी तक इसकी एक भी मीटिंग होते नहीं देखी।

कहीं यह बड़े इलेक्‍शन का सेमीफाइनल तो नहीं

Pindiga ambedkar in new face in JNU Elections.

इसके साथ ही हॉस्टल की समस्या भी बेहद गंभीर है जिस पर सोचने की जरूरत है। अंबेडकर का कहना है कि इंटरव्यू में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के साथ भेद-भाव भी बड़ी समस्या है जो एसएफआई उठाना चाहती है।

जेएनयू में नामांकन की प्रक्रिया 2 सितंबर से शुरू होने की संभावना है और इसी के साथ कैंपस में चुनावी बिगुल बज जाएगा। इधर दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी चुनावी गहमा-गहमी बढ़ने लगी है। डीयू में आगामी 12 सितंबर को स्टूडेंट यूनियन का इलेक्‍शन होना है।

कुछ जानकार डीयू इलेक्‍शन को राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के लिए सेमिफाइनल के तौर पर देख रहे हैं। यही कारण है कि इन दलों के बड़े नामों के भी यहां ही राजनीति में दखल देने की खबरें आ रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed