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दिल्ली हाईकोर्ट: 'वंदे मातरम' और 'जन-गण-मन' की हो समान प्रतिष्ठा, जनहित याचिका दायर कर की मांग
Tue, 24 May 2022 03:54 PM IST
पूजा त्रिपाठी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 24 May 2022 03:54 PM IST
सार
अधिवक्ता, भाजपा नेता व याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत राज्यों का संघ है न कि राज्यों का परिसंघ। यहां केवल एक नागरिकता है वो है भारतीय और इसलिए ये हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह वंदे मातरम का सम्मान करे।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को एक याचिका दायर करते हुए यह निर्देश देने की मांग की गई है कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को 'जन-गण-मन' के समान प्रतिष्ठा मिले। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि वंदे मातरम ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों को यह निर्देश देने की भी मांग है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों में हर कार्य दिवस पर जन-गण-मन और वंदे मातरम दोनों ही बजाए जाएं। साथ ही मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के 24 जनवरी 1950 के फैसले को ध्यान में रखते हुए संविधान सभा की भावनाओं के अनुरूप गाइडलाइन भी बनाए जाएं।
अधिवक्ता, भाजपा नेता व याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत राज्यों का संघ है न कि राज्यों का परिसंघ। यहां केवल एक नागरिकता है वो है भारतीय और इसलिए ये हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह वंदे मातरम का सम्मान करे। देश की अखंडता बनाए रखने के लिए यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह वंदे मातरम और जन गण मन को प्रमोट करने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाए। कोई कारण नहीं है कि इससे किसी की भावनाएं आहत हों क्योंकि यह संविधान निर्माताओं ने तय किया था।
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याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों को यह निर्देश देने की भी मांग है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों में हर कार्य दिवस पर जन-गण-मन और वंदे मातरम दोनों ही बजाए जाएं। साथ ही मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के 24 जनवरी 1950 के फैसले को ध्यान में रखते हुए संविधान सभा की भावनाओं के अनुरूप गाइडलाइन भी बनाए जाएं।
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अधिवक्ता, भाजपा नेता व याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि भारत राज्यों का संघ है न कि राज्यों का परिसंघ। यहां केवल एक नागरिकता है वो है भारतीय और इसलिए ये हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह वंदे मातरम का सम्मान करे। देश की अखंडता बनाए रखने के लिए यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह वंदे मातरम और जन गण मन को प्रमोट करने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाए। कोई कारण नहीं है कि इससे किसी की भावनाएं आहत हों क्योंकि यह संविधान निर्माताओं ने तय किया था।
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