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Delhi NCR News: हाईकोर्ट में डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल के खिलाफ पीआईएल दायर
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- याचिका में दावा, हड़ताल से प्रतिदिन लाखों लोगों की रोजमर्रा का जीवन हो रहा प्रभावित
- अदालत ने मामले को आज के लिए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के लिए सूचीबद्ध किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों की 15 सितंबर से चल रही हड़ताल के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिका में सार्वजनिक बस सेवाओं को तत्काल बहाल करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि हड़ताल के कारण दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। याचिका में कहा गया है कि छात्र, दैनिक मजदूर, वेतनभोगी कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, मरीज और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सस्ती बस सेवा पर निर्भर हैं। हड़ताल के कारण उन्हें महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इससे दिल्ली मेट्रो पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। मामला मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
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- अदालत ने मामले को आज के लिए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के लिए सूचीबद्ध किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों की 15 सितंबर से चल रही हड़ताल के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिका में सार्वजनिक बस सेवाओं को तत्काल बहाल करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि हड़ताल के कारण दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। याचिका में कहा गया है कि छात्र, दैनिक मजदूर, वेतनभोगी कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, मरीज और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग सस्ती बस सेवा पर निर्भर हैं। हड़ताल के कारण उन्हें महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इससे दिल्ली मेट्रो पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। मामला मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
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