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सत्य निकेतन हादसा: बेसमैंट में हॉल बनाने के लिए बीम हटाते ही ध्वस्त हो गया पीजी, पुलिस को ठेकेदार की तलाश
Wed, 09 Sep 2026 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 09 Sep 2026 03:33 AM IST
सार
भूतल पर बनी दो दुकानों को एक करने के लिए हॉल बनाया जा रहा था। भूतल को किसी कैमिस्ट को किराये पर दे दिया गया था। दो दुकानों को एक करने के प्रयास में बीच का बीम हटा दिया गया जिस कारण इमारत जमींदोज हो गई।
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हादसे के बाद...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सत्य निकेतन स्थित पीजी इमारत के बेसमेंट में पानी के रिसाव (सीपेज) की पुरानी समस्या थी। इसके अलावा भूतल पर बनी दो दुकानों को एक करने के लिए हॉल बनाया जा रहा था। भूतल को किसी कैमिस्ट को किराये पर दे दिया गया था। दो दुकानों को एक करने के प्रयास में बीच का बीम हटा दिया गया जिस कारण इमारत जमींदोज हो गई। हालांकि इमारत के बेसमेंट को भर दिया गया था। दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने दिल्ली सरकार व अन्य एजेंसियों को इलाके में स्थित इमारतों का तत्काल प्रभाव से सुरक्षा ऑडिट करने के लिए पत्र लिखा है।
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पुलिस अब उस ठेकेदार की तलाश कर रही है जो बेसमेंट में रिसाव की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम करा रहा था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन परिस्थितियों की जांच कर रही है जिनमें यह काम कराया जा रहा था, और क्या इसके कारण कोई ढांचागत बदलाव हुआ जिससे भवन ढह गया।
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सत्य निकेतन में दशकों पुरानी यह इमारत लगभग 55 वर्ग मीटर में फैली थी और इसमें एक बेसमेंट तथा भूतल और चार ऊपरी मंजिलें थीं। बताया जाता रहा है कि प्रत्येक मंजिल पर दो कमरे थे और हर कमरे में दो बिस्तर थे। इस संरचना में खंभे और बीम नहीं थे।
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पुलिस ने इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेवा से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर लिया है। शुरू में हरिराम को संपत्ति का मालिक माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेज से पता चला है कि इमारत की मालकिन उर्मिला हैं, जबकि हरिराम और महेश कथित तौर पर पीजी का प्रबंधन संभालते थे।
सैदुल्लाजाब में हादसे के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
सात सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चला है कि भवन विभाग ने वार्ड 160 में मैदानगढ़ी, सैदुल्लाजाब और नेब सराय सहित अन्य क्षेत्रों की पांच आवासीय संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जबकि सैदुल्लाजाब में एक अन्य आवासीय संपत्ति को जर्जर होने की वजह से गिराने की कार्रवाई की गई है।
हॉस्टल डेज को लीज पर दिया हुआ था
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में और महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। जांच के दौरान महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से बिल्डिंग के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह बिल्डिंग पीजी ऑपरेटर हॉस्टल डेज़ को लीज पर दी थी।
बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था क्योंकि पिछले 8-10 दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने का काम चल रहा था। उन्हें स्थानीय लोगों से बिल्डिंग गिरने की खबर मिली और वे अपने घर से भागकर राजस्थान के भिवाड़ी में अपने ससुराल चले गए। लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को यूपी के कासगंज से पकड़ लिया गया है और पूछताछ के लिए लाया जा रहा है।