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सोशल मीडिया खाता हो आधार से लिंक, याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से की केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग
Thu, 24 Oct 2019 07:09 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 24 Oct 2019 07:09 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pxhere.com
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सोशल मीडिया पर फर्जी खातों और फर्जी न्यूज पर लगाम लगाने के लिए बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इसमें केंद्र सरकार को सोशल मीडिया खातों को आधार, वोटर आईडी या पैन कार्ड से लिंक करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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भाजपा नेता अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका में आरोप लगाया है कि फर्जी सोशल मीडिया खातों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान फर्जी खबरों और पेड न्यूज का प्रसार करने के लिए होता है। उन्होंने केंद्र को यह आदेश देने का अनुरोध किया कि वह खासकर चुनाव आचार संहिता लागू होने पर फर्जी एवं पेड न्यूज का प्रसार रोकने के लिए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट को निष्क्रिय करे।
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याचिका में दावा किया गया है कि पैसे देकर छपवाई जाने वाली खबरों और फर्जी खबरों को प्रकाशित करने या ऐसी खबरों को बढ़ावा देने से रोकने के लिए भारतीय दंड संहिता, जनप्रतिनिधि कानून और सूचना प्रौद्योगिकी कानून में संशोधन की आवश्यकता है।याचिका में अनुरोध किया गया है कि अदालत फेसबुक और ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के खातों को आधार से जोड़ने का केंद्र को निर्देश दे।
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साथ ही, फर्जी और पैसा लेकर फैलाई जाने वाली खबरों पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग और भारतीय प्रेस परिषद को उचित कदम उठाने का निर्देश भी दे।हालांकि, इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने 14 अक्तूबर को उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय जाने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद उपाध्याय ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।