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दिल्ली: गलत जानकारी पर नौकरी पाने वाले सेना के अधिकारी को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने लगाया 25 हजार जुर्माना
Mon, 28 Feb 2022 07:35 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Mon, 28 Feb 2022 07:35 PM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि यह एक जनहित याचिका नहीं है, बल्कि एक ब्लैकमेलिंग प्रकार की याचिका है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने सोमवार को नियुक्ति के समय झूठी सूचना देने के आधार पर सेना में शामिल अधिकारी को हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने साथ ही याची पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि यह एक जनहित याचिका नहीं है, बल्कि एक ब्लैकमेलिंग प्रकार की याचिका है। अदालत ने कहा कि याचिका ने उस व्यक्ति को पक्ष नहीं बनाया गया, जिसकी नियुक्ति रद्द करने की मांग की गई है। इसके अलावा याचिका देरी से दायर की गई है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा प्रदान किया गया विवरण जिसे 2015 में एक जूनियर कमीशन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था गलत था। ऐसे में उसकी नियुक्ति रद्द की जाए। पीठ ने कहा हमें इस याचिका पर विचार करने का कोई कारण नहीं दिख रहा है, यह जनहित याचिका तो बिल्कुल नहीं है।
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अदालत ने कहा कि तथाकथित जनहित याचिका एक शुद्ध सेवा मामला है, क्योंकि यह सेवाओं को समाप्त करने की मांग करता है और कानून में मान्य नहीं है। अदालत ने कहा ऐसे में याचिका को 25 हजार रुपये के जुर्माने के साथ खारिज किया जाता है। अदालत ने याची को जुर्माने की राशि चार सप्ताह के भीतर दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के पास जमा करवाने का निर्देश दिया है।