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1500 करोड़ के घाटे से उबरेगी रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री, 611 इकाइयों को अनुमति से सुधरेगा गणित

Thu, 07 May 2020 10:38 PM IST
Mohit Mudgal योगेश शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
योगेश शर्मा, अमर उजाला, नोएडा Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 07 May 2020 10:38 PM IST
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permission given to noida Ready made garment industry 611 units will recover from a loss of 1500 crores
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

कोरोना से ठप हुए विदेशी बाजारों ने नोएडा की गारमेंट इंडस्ट्री को वेंटिलेटर पर पहुंचा दिया। पीक सीजन में लॉकडाउन होने से अप्रैल में ही 5000 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन लगाया गया है, लेकिन नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) के प्रयास से 611 इकाइयों को शुरू किए जाने की अनुमति मिलने से अब इस कारोबार से जुड़ी इकाइयों का गणित सुधरने की उम्मीद है। इन इकाइयों से 1500 करोड़ रुपये का निर्यात किया जा सकेगा जिससे इंडस्ट्री घाटे से उबर सकेगी।

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दरअसल, रेडीमेड गारमेंट से जुड़ी लगग सभी इकाइयों में देश-विदेश के ऑर्डर पूरे हो चुके थे या फिर अंतिम दौर में थे, लेकिन लॉकडाउन होते ही इकाइयों पर ताले लग गए। मार्च का अंतिम सप्ताह और अप्रैल का पूरा महीना उद्योग बंद रहने से गारमेंट निर्यातकों को आर्थिक नुकसान ही नहीं उठाना पड़ा, बल्कि समय पर आपूर्ति न होने से विदेशी खरीदारों की ओर से ऑर्डर रद्द होने का खतरा भी पैदा हो गया।
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3 मई को जारी शासन की गाइडलाइन में वस्त्र उद्योगों को शुरू किए जाने की मंजूरी दी गई, लेकिन इसमें परिधान बनाने वाली इकाइयों को शामिल नहीं किया गया। एनएईसी के चेयरमैन ललित ठुकराल ने मजबूती के साथ इस मामले को शासन के समक्ष उठाया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को 611 इकाइयों को शुरू करने की अनुमति मिली है।
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20 हजार श्रमिकों की जीविका का रास्ता खुला
नोएडा में करीब 800 रेडीमेड गारमेंट निर्यातक हैं, जिनमें से 611 को सशर्त काम शुरू करने की अनुमति मिल गई है। एनएईसी की मानें तो 15 से 20 हजार श्रमिकों-कर्मचारियों की जीविका का रास्ता साफ हो गया है। धीरे-धीरे इंडस्ट्री पटरी पर आने लगेगी।

...तो आने वाला समय भारत का होगा
कोरोना के संकट काल से उबरकर कई देशों में बाजार खुलने लगे हैं। चीन, वियतनाम, श्रीलंका और बांग्लादेश से विदेशी बायर्स का मोहभंग होने लगा है। लॉकडाउन के दौरान भी भारत का गारमेंट उद्योग बायर्स के ऑर्डर की सप्लाई देने का काम शुरू करने जा रहा है। ऐसे में देश की गारमेंट इंडस्ट्री के प्रति विश्वास का भाव पैदा होगा और आने वाला समय भारत का होगा।


नोएडा अपरैल एक्सपोर्ट कलस्टर के चैयरमैन, ललित ठुकराल ने कहा कि हम मुख्यमंत्री के आभारी हैं जिन्होंने देश की सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली गारमेंट इंडस्ट्री की परेशानी को समझा है। अप्रैल में 5000 करोड़ के नुकसान का अनुमान है, लेकिन जिले के उद्योग खुलने से नुकसान का आंकड़ा घटकर करीब 3500 करोड़ रुपये रह जाएगा। मौजूदा दौर में यह बड़ी राहत है।

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