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Delhi: हिंदू कॉलेज में शुरू होगा परफ्यूमरी पाठ्यक्रम, गुर सिखाने के लिए इस्राइल और स्वीडन से आएंगे विशेषज्ञ
Mon, 22 Jan 2024 07:21 AM IST
विजय पुंडीर
आशीष सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 22 Jan 2024 07:21 AM IST
सार
कॉलेज में इस्राइल और स्वीडन देशों से विशेषज्ञ परफ्यूम बनाने के गुर सिखाने के लिए आएंगे। यह कार्यशाला एक अप्रैल से आयोजित की जाएगी। इसमें पहले कॉलेज के शिक्षकों को परफ्यूम बनाने की तकनीक को बताया व पढ़ाया जाएगा।
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हिंदू कॉलेज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2024-2025 से छात्रों के लिए परफ्यूमरी पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। ऐसे में सुगंध छात्रों के करियर में नई उड़़ान भरने में मदद करेगी। छात्रों के लिए यह पाठ्यक्रम 10 महीने का होगा। इसमें छात्र प्राकृतिक उत्पादों से परफ्यूम बनाने से लेकर भोजन व डिटर्जेंट पाउडर में उपयोग होने वाली सुगंधित खुशबू बनाने की बारीकी के गुर सीखेंगे।
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यही नहीं इस पाठ्यक्रम में खुशबू की नींव, इत्र संरचनाएं और अनुपालन, खुशबू की संक्षिप्त प्रक्रिया, खुशबू ब्रांड की कहानियां व स्थिरता सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण मॉड्यूल शामिल हैं। इसका उद्देश्य छात्रों में स्थायी सुगंध बनाने की समझ पैदा करना है और कैरियर के अवसरों के लिए नए रास्ते खोलना है।
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हिंदू कॉलेज को डीयू की ओर से स्किल डेवलेपमेंट सेंटर के लिए फंड दिया गया है। ऐसे में कॉलेज ने इस सेंटर को स्थापित किया है। इसमें ग्रीन केमिस्ट्री टूल्स, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस, ई-वेस्ट मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह कोर्स भी आगामी सत्र से शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसमें छात्रों की बढ़ती रुचि व भागीदारी से इसे पाठ्यक्रम के रूप में स्थापित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के दिशा-निर्देश के अनुरूप इसे तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सभी स्तरों पर उच्च शिक्षा में स्किल को एकीकृत करने और स्किल के अंतर को मिटाना है।
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इस्राइल व स्वीडन से आएंगे विशेषज्ञ
कॉलेज में इस्राइल और स्वीडन देशों से विशेषज्ञ परफ्यूम बनाने के गुर सिखाने के लिए आएंगे। यह कार्यशाला एक अप्रैल से आयोजित की जाएगी। इसमें पहले कॉलेज के शिक्षकों को परफ्यूम बनाने की तकनीक को बताया व पढ़ाया जाएगा। इसके बाद छात्रों को इससे रूबरू कराया जाएगा। वहीं, इसमें परफ्यूमरी की आकर्षक दुनिया का पता लगाने के लिए इंटरनेशनल फ्रेगरेंस एसोसिएशन (आईएफआरए) का सहयोग भी शामिल होगा।
पाठ्यक्रम में 30 होंगी सीटें
कोर्स करने के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम रसायन शास्त्र का विषय होना आवश्यक है। इसके प्रथम सत्र में पहले कुल 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। जिसमें छात्रों का चयन एक परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसमें छात्रों से कुछ फीस भी ली जाएगी। हालांकि, अभी इसके लिए मानक तय नहीं किए हैं, इसके लिए बैठक की जा रही है। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले छात्र को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसके बाद छात्र इंटर्नशिप व नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है।