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निर्भयाः लोगों ने कहा इससे भी कठोर सजा मिलनी चाहिए थी
Fri, 20 Mar 2020 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Mar 2020 06:08 AM IST
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रविदास कैंप
- फोटो : अमर उजाला
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स्थान : रविदास कैंप। समय : दोपहर 2.00 बजे। निर्भया के दोषियों को शुक्रवार तड़के फांसी दिए जाने के आदेश के बाद आरके पुरम स्थित रविदास कैंप के लोगों ने कहा, अच्छा हुआ। इस तरह का गंदा काम करने वालों को इससे भी कठोर सजा मिलनी चाहिए थी। लेकिन चारों दोषियों में से एक पवन गुप्ता की बहन भारती ने कहा, मेरे भाई के साथ अन्याय हुआ।
भारती ने कहा कि निर्भया के साथ भी अन्याय हुआ और मेरे भाई के साथ भी। मेरा भाई इस कांड में शामिल ही नहीं था। लेकिन साथ में यह भी कहा कि मेरी भी दो बेटियां हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का घिनौना अपराध करने वाले दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में नजीर पेश हो। अच्छा हुआ अब फांसी हो जाएगी, बहुत दिनों से हम लोग बदनामी का दाग अपने माथे पर लगाए ढो रहे थे।
रविदास कैंप कि जिस गली में निर्भया के गुनहगार पवन और विनय का घर है, वहां सन्नाटा पसरा था। गली में आगे गुरुद्वारा है, वहां एक शख्स से पूछा कि निर्भया मामले में दोषियों का घर किधर है। रवि नाम के उस शख्स ने बताया कि पवन उसके साथ पढ़ता था। पहले वह ऐसा नहीं था, लेकिन गलत संगत के कारण वह ऐसा हो गया। रवि ने कहा ऐसी घटिया हरकत करने वालों को गोलियों से उड़ा देना चाहिए। इसके बाद रवि ने पवन का घर दिखाया। पवन के पड़ोसी इस मामले में कुछ भी बोलना नहीं चाहते। लेकिन फांसी की सजा सुनकर किसी के चेहरे पर रत्ती भर भी दुख नहीं था।
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इसके बाद रवि गली के मुहाने पर स्थित आशीष सिंह की दुकान पर ले गए। यहां आशीष ने पहले बात करना मुनासिब नहीं समझा। लेकिन कुछ देर के बाद खुले तो कहा, निर्भया मामले को इतना हाईलाइट क्यों किया जा रहा है। रेप के दूसरे भी बहुत से मामले हैं, उनमें भी इसी तरह कार्रवाई होनी चाहिए। सभी अपराधियों को फांसी होनी चाहिए। उधर विनय के घर पर कोई नहीं था, पड़ोसियों ने बताया सब कोर्ट गए हैं।
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भारती ने कहा कि निर्भया के साथ भी अन्याय हुआ और मेरे भाई के साथ भी। मेरा भाई इस कांड में शामिल ही नहीं था। लेकिन साथ में यह भी कहा कि मेरी भी दो बेटियां हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का घिनौना अपराध करने वाले दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में नजीर पेश हो। अच्छा हुआ अब फांसी हो जाएगी, बहुत दिनों से हम लोग बदनामी का दाग अपने माथे पर लगाए ढो रहे थे।
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रविदास कैंप कि जिस गली में निर्भया के गुनहगार पवन और विनय का घर है, वहां सन्नाटा पसरा था। गली में आगे गुरुद्वारा है, वहां एक शख्स से पूछा कि निर्भया मामले में दोषियों का घर किधर है। रवि नाम के उस शख्स ने बताया कि पवन उसके साथ पढ़ता था। पहले वह ऐसा नहीं था, लेकिन गलत संगत के कारण वह ऐसा हो गया। रवि ने कहा ऐसी घटिया हरकत करने वालों को गोलियों से उड़ा देना चाहिए। इसके बाद रवि ने पवन का घर दिखाया। पवन के पड़ोसी इस मामले में कुछ भी बोलना नहीं चाहते। लेकिन फांसी की सजा सुनकर किसी के चेहरे पर रत्ती भर भी दुख नहीं था।
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इसके बाद रवि गली के मुहाने पर स्थित आशीष सिंह की दुकान पर ले गए। यहां आशीष ने पहले बात करना मुनासिब नहीं समझा। लेकिन कुछ देर के बाद खुले तो कहा, निर्भया मामले को इतना हाईलाइट क्यों किया जा रहा है। रेप के दूसरे भी बहुत से मामले हैं, उनमें भी इसी तरह कार्रवाई होनी चाहिए। सभी अपराधियों को फांसी होनी चाहिए। उधर विनय के घर पर कोई नहीं था, पड़ोसियों ने बताया सब कोर्ट गए हैं।