नांगलोई ताजिया जुलूस: बवाल के बाद अमन विहार और किराड़ी के रहने वाले लोग घर छोड़कर भागे, पुलिस दे रही है दबिश
दर्ज मामलों में पुलिस ने दावा किया है कि बवाल में शामिल लोग अमन विहार और किराड़ी से आए थे। पुलिस सीसीटीवी कैमरे और वीडियो फुटेज से बलवा करने वालों का फोटो निकालकर उनकी पहचान शुरू कर दी है।
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राजधानी दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार को ताजिया जुलूस निकालने के दौरान हुए बवाल के बाद अमन विहार और किराड़ी से लोग अपने घरों को छोड़कर भाग रहे हैं। लोगों को डर सता रहा है कि पुलिस उन्हें दंगा फसाद के मामले में गिरफ्तार कर सकती है। दर्ज मामलों में पुलिस ने दावा किया है कि बवाल में शामिल लोग अमन विहार और किराड़ी से आए थे। पुलिस सीसीटीवी कैमरे और वीडियो फुटेज से बलवा करने वालों का फोटो निकालकर उनकी पहचान शुरू कर दी है।
नांगलोई थाना प्रभारी की ओर से दर्ज मामले में कहा गया है कि शनिवार दोपहर 12 बजे से ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने निर्धारित रूट से निकल रहे थे। शाम पांच बजे से प्रेम नगर और अमन विहार की ओर से कुछ ताजिए किराड़ी फाटक पार करने के बाद रोहतक रोड होते हुए सूरजमल स्टेडियम के पास पहुंचे। इसी में शामिल लोगों ने अपने निर्धारित रूट से अलग हटते हुए स्टेडियम के भीतर जाने की कोशिश कर रहे थे। जिन्हें रोकने पर उनलोगों ने पथराव कर दिया।
इसी तरह हवलदार मुकेश ने भी बताया कि वापसी के दौरान लोगों ने किराड़ी मोड़ पर ट्रैफिक रोककर गाड़ियों पर चढ़कर हंगामा करने लगे। सभी के हाथों में तलवार, चाकू, रॉड और डंडे थे। जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ने की कोशिश की तो वह पथराव करने लगे। शुरुआती जांच में इन लोगों की पहचान अमन विहार, किराड़ी और प्रेम नगर के रहने वालों के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले ज्यादातर लोग अमन विहार, प्रेम नगर और किराड़ी के रहने वाले हैं। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में आरोपियों की पहचान कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने उन इलाकों के आयोजकों से संपर्क किया है। कुछ आयोजक भी अपने घर से गायब मिले हैं। पुलिस आयोजकों के जरिए ताजिए में शामिल होने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है। शनिवार को ताजिए में शामिल हुए ज्यादातर लोग अपने घरों से गायब मिले हैं।
ताजिए में शामिल लोग सूरजमल स्टेडियम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। चूंकि स्टेडियम में जाने की इजाजत नहीं थी। इसलिए पुलिस टीम उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि छह सात ताजिए के आयोजक रिक्शों व ठेले पर चढ़कर अपने साथ आए लोगों को उत्तेजित करने लगे। इसी दौरान लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव करने लगे। रोकने का प्रयास करने पर एक युवक ने उप निरीक्षक प्रवीण पर चाकू से हमला कर दिया। प्रवीण ने अपने को बचाने के लिए हाथ से चाकू को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान चाकू लगने से उसका हाथ जख्मी हो गया। उसके बाद ही पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों को चेतावनी दी। चेतावनी के बाद भी पथराव करने पर पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान करने के लिए इलाके में लगे सौ से अधिक सीसीटीवी के फुटेज को कब्जे में लिया गया है। इसके साथ ही पुलिस शनिवार को सोशल मीडिया पर चलने वाले मैसेज और वीडियो का भी विश्लेषण कर रही है। पुलिस इसके जरिए पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बलवा को साजिश के तहत तो अंजाम नहीं दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि हंगामा करने वाले लोगों के बारे में स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि जिन लोगों ने हंगामा किया है उनपर पहले से तो कोई आपराधिक मामला दर्ज तो नहीं है।
शनिवार को हुए बलवे के बाद ताजिया के आयोजकों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है। पुलिस ने साफ तौर पर किराड़ी, प्रेम नगर और अमन विहार से आने वाले ताजिए के आयोजकों पर रूट बदलने को लेकर अपने साथ आए लोगों को भड़काने की बात कही है। हालांकि स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि ताजिए में शामिल असामाजिक तत्वों ने हंगामा किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने आयोजकों से लगातार बैठक कर उन्हें निर्धारित रूट के बारे में बता दिया था। ऐसे में आयोजकों पर आरोप लगने से वह काफी भयभीत हैं और उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भी ताजिया जुलूस निकाले जाने के दौरान उनकी वीडियोग्राफी करवाई है। जिसके जरिए पुलिस बलवा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।