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बल्लभगढ़: ट्रेन में मारे गए जुनैद के गांववालों ने काली पट्टी बांधकर अदा की नमाज
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:21 AM IST
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जुनैद के गांव में काली पट्टी बांध अदा हुई नमाज
- फोटो : ani
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जुनैद की हत्या को लेकर खंदावली में ग्रामीणों ने काली पट्टी बांध कर ईद मनाई। ग्रामीणों ने काली पट्टी बांध नमाज अदा की और साधारण तरीके से ईद मना रहे हैं। गांव में किसी तरह का जश्न नहीं होगा।
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Haryana: People offered Eid prayers wearing black arm bands in Ballabhgarh's Kandhawali, to protest lynching of a man from their village pic.twitter.com/z7oI8eF2fm
— ANI (@ANI_news) June 26, 2017विज्ञापन
दरअसल, चार दिन बीत जाने के बावजूद जुनैद के हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिससे नाराज ग्रामीणों में चर्चा थी वे ईद के मौके पर काली पट्टी नमाज अदा करें। नूंह स्थित रेस्ट हाउस में भी इस संबंध में मुस्लिम संगठनों की बैठक हुई थी। जिसमें काली पट्टी बांध कर ईद मनाने का फैसला लिया था। लेकिन सरपंच निसार अहमद का कहना है कि हम काली ईद क्यों मनाएं।
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पूरा प्रशासन और सरकार इस घटना को लेकर हमारे गांव और पीड़ित परिवार के साथ है। कानून अपना काम कर रहा है। पीड़ित परिवार की सरकार की तरफ से हर संभव आर्थिक मदद की जा रही है। इसलिए काली पट्टी बांध कर ईद मनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। वे सिर्फ नमाज अदा कर ईद मनाएंगे।
इस छोटी सी बात पर हमलावरों ने ले ली नाबालिग की जिंदगी
junaid murder
बता दें कि दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू में 16 साल के लड़के जुनैद का हत्यारोपियों से विवाद लूडो के खेल को लेकर हुआ था। जीआरपी पुलिस प्रभारी अजय के मुताबिक, मृतक जुनैद के भाई हाशिम के अनुसार, वह उसका भाई जुनैद साकिर और मौसिम चारों सदर बाजार से 5.30 बजे दिल्ली-मथुरा शटल में सवार हुए थे।
चारों सीट पर बैठकर लूडो खेल रहे थे। तुगलकाबाद से कई लोग बोगी में चढ़ गए। इनमें से कुछ लोगों ने जुनैद को लूडो खेलने से रोका और सीट छोड़ने को बोला। इसी से विवाद शुरू हुआ, जो बाद में खूनी खेल में तब्दील हो गई।
पिता जलालुद्दीन ने बताया कि हमलावर बार-बार उनके बेटों की लिबास पर टिप्पणी कर रहे थे। एक हमलावर ने टोपी लेकर हवा में उछाली और पैरों तले रौंद दी। घर आकर उनके बेटे हाशिम ने बताया कि हमलावर नशे में लग रहे थे। पिता मीडिया में आ रही बीफ की अफवाहों को लेकर परेशान दिखाई दिए। वहीं, जुनैद की मां सायरा ने हत्यारों को फांसी देने की मांग की है।
चारों सीट पर बैठकर लूडो खेल रहे थे। तुगलकाबाद से कई लोग बोगी में चढ़ गए। इनमें से कुछ लोगों ने जुनैद को लूडो खेलने से रोका और सीट छोड़ने को बोला। इसी से विवाद शुरू हुआ, जो बाद में खूनी खेल में तब्दील हो गई।
पिता जलालुद्दीन ने बताया कि हमलावर बार-बार उनके बेटों की लिबास पर टिप्पणी कर रहे थे। एक हमलावर ने टोपी लेकर हवा में उछाली और पैरों तले रौंद दी। घर आकर उनके बेटे हाशिम ने बताया कि हमलावर नशे में लग रहे थे। पिता मीडिया में आ रही बीफ की अफवाहों को लेकर परेशान दिखाई दिए। वहीं, जुनैद की मां सायरा ने हत्यारों को फांसी देने की मांग की है।