'जनता को राहत देने के लिए नहीं हैं पैसे लेकिन अडानी पर हो रही मेहरबानी'
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अडानी समूह पर लगे 200 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि को माफ करने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार से पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत उन्हें यह राहत दी गई।
आप का कहना है कि केंद्र सरकार के पास जनता को राहत देने के लिए पैसे नहीं है लेकिन अडानी समूह पर मेहरबानी की जा रही है। इस मुद्दे पर आप नेता आशी खेतान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में किसान बदहाल स्थिति में है और आत्महत्या कर रहा है, लेकिन मोदी के पास किसानों को देने के लिए पैसे नहीं हैं।
दाल की कीमतें 200 रुपये के पार पहुंच गई है, सरकार उससे राहत नहीं दिला पा रही है। आम जनता को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देने के लिए मोदी के पास पैसे नहीं हैं, लेकिन गौतम अडानी के 200 करोड़ रुपये माफ करने के लिए सरकारी खजाने को तुरंत तैयार कर लिया।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर ही अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड सेज पर 200 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।
'अडानी और मोदी के रिश्ते जगजाहिर है'
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने पाया था कि गुजरात की कोस्टल लाइन पर अडानी की कंपनियों ने नुकसान किया था लेकिन केंद्र सरकार ने सितंबर 2015 में बिना किसी आधार के 200 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि माफ कर दी।
खेतान यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि अडानी और मोदी के रिश्ते जगजाहिर है। गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 15,946 एकड़ जमीन एक रुपये से 32 रुपये प्रति वर्गमीटर मीटर के हिसाब से अडानी को दी थी।
देश जानना चाहता है कि मोदी सरकार अडानी पर क्यों मेहरबान है। हर विदेश यात्रा पर मोदी के साथ गौतम अडानी क्यों जाते हैं। दो साल में अडानी समूह के शेयर में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कहीं ऐसा तो नहीं कि लोकसभा चुनाव में जो कथित 20 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए, अब मोदी उस रकम को सरकारी खजाने से वापस कर रहे हैं।