फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   people died due to electronic door lock not opening In Pitampura fire accident

पीतमपुरा हादसा: काश! समय रहते खुल जाता डोर लॉक, तो बच जाती जान; पीड़ित साहिल ने बताई पूरी कहानी

Fri, 19 Jan 2024 07:56 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 19 Jan 2024 07:56 PM IST
सार

दिल्ली के पीतमपुरा आग हादसे में इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक न खुलने से लोगों की जान चली गई। साहिल को माता-पिता और बहन को नहीं बचा पाने का मलाल है।

विज्ञापन
people died due to electronic door lock not opening In Pitampura fire accident
पीतमपुरा आग हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इमारत में आग लगने की घटना में अपने माता-पिता और बहन को खोने वाले साहिल सदमे में हैं। उन्हें इस बात का मलाल है कि आग लगने की जानकारी मिलने के बावजूद वह परिवार को नहीं बचा सके। दरवाजे पर लगा इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक अगर समय पर खुल जाता तो उनकी जान बच जाती। इन दर्द भरी घटना को याद कर साहिल के फूफा सुनील अग्रवाल की आंखें नम हो जाती है।

विज्ञापन

वह कहते हैं कि साहिल ने उन्हें बताया कि जिस समय घटना घटी उनके माता-पिता और बहन तीसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में मौजूद थे। जबकि वह किसी से फोन पर बात करने के लिए इमारत की छत पर बनी बालकनी पर गए थे। इसी दौरान उन्होंने इमारत से नीचे मंजिल से गहरा काला धुआं निकलता देखा। ऐसे में वह हकबका गए और परिवार को खोजते हुए नीचे की ओर भागे। धुआं इतना भयानक था कि सीढि़यां भी नहीं दिख रही थी। किसी तरह धुएं के बीच से वह अपनी जान बचाते हुए फ्लैट के दरवाजे के पास पहुंचे। उन्होंने दरवाजे को खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा लॉक होने की वजह से वह अंदर जाने में नाकाम रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में उन्होंने दरवाजे को पीटते हुए परिवार वालों को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से भी कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान सीढि़यों पर धुआं और बढ़ गया, उन्हें आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी की समस्या होने लगी। ऐसे में वह अपनी जान बचाकर छत की ओर भागे और घटना की जानकारी दमकल विभाग और पुलिस को दी।

विज्ञापन

सुनील अग्रवाल ने बताया इस फ्लैट में उनके साले राकेश गुप्ता, अपनी पत्नी रेणू, बेटी श्वेता, बेटा साहिल और बहू सिमरन के साथ रहते थे। साहिल और सिमरन मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं। सिमरन घटना के समय अपने कार्यालय गई हुई थी। 

घटना के दौरान साहिल ने अपनी पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी और उन्हें जल्द घर पहुंचने के लिए कहा। इस बीच हादसे की जानकारी मिलने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। घुएं की वजह से साहिल को भी सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। दमकल कर्मियों ने साहिल को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में पहुंचाया। जहां उनकी जान बच गई। उधर सूचना मिलने के बाद घर पहुंची सिमरन ने देखा कि उनके सास ससुर और ननद की हादसे में मौत हो गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed