बॉस की कमाई देख लालच में आई पेटीएम मालिक की निजी सचिव, रंगदारी से खड़ा करना चाहती थी अपना साम्राज्य
कहते हैं बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया। इस कहावत को पेटीएम कंपनी के मालिक की निजी सचिव ने चरितार्थ कर दिया। रुपये के लालच ने 7-8 साल पुरानी वफादारी पर पानी फेर दिया और जेल अलग से जाना पड़ा।
कंपनी मालिकों की मानें तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनकी कंपनी की निजी सचिव सोनिया इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकती है। हालांकि उनकी सेक्रेटरी में पैसा कमाने की ललक थी और वह कुछ ऐसा काम करना चाहती थी जिससे लोग उसे याद करें।
दरअसल, सेक्रेटरी सोनिया का पति रूपक जैन कमाने के मामले में फेल था और कुछ खास नहीं कर पा रहा था। घर के खर्चे और फैशन आदि पर भी सोनिया के द्वारा ही कमाए पैसे पर ही मौज करता था। कई बार सोनिया ने एडवांस भी रुपये लिए थे और उस समय पति के द्वारा रुपये खर्च करने की बात कही थी।
कंपनी के सूत्रों का दावा है कि सोनिया और उसके पति के बहुत ही अनाप शनाप खर्चे थे और इस कारण वह तनाव में आ जाती थी। कर्मचारी होने के नाते हुए कई बार समझाया गया था। सोनिया पति के साथ प्रतीक लोरियल सोसायटी में रहती थी। जबकि एडमिन देवेंद्र शहदरा गांव में किराए पर रहता था।
सोनिया ने पूरी जानकारी एकत्र तो कर ली लेकिन बिना देवेंद्र के वह वारदात को अंजाम देने में अपने आप को कमजोर महसूस कर रही थी। इसलिए देवेंद्र को अपने जाल में शामिल करते हुए कहा कि कब तक यह नौकरी करते रहोगे ?
क्यों ना ऐसी योजना बनाई जाए कि वह भी पेटीएम की तरह ही कोई कंपनी चालू कर दें। जिससे वह भी पेटीएम के मालिकों की तरह बन सकें। सोनिया और उसके पति रूपक जैन ने उसको समझाया तो वह भी लालच में आ गया। देवेंद्र ने ही अपने एक पुराने मित्र को इस वारदात में शामिल किया।
उसे केवल इतना कहा गया कि वो रंगदारी मांगे और रुपये को अपने अकाउंट में डलवाए। अकाउंट भी किसी फर्जी आईडी से खुलवाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसके एवज में रोहित चोमल को रंगदारी मांगने और खाते में डलवाने के एवज में 20 फीसदी तक कमीशन देने का वादा किया गया था।
इसलिए वह भी इनके साथ हो गया। पुलिस सूत्रों की माने तो सोनिया और रूपक ने रोहित चोमल को सुझाव दिया था कि वह किसी दूसरे शहर या देश के नंबर से व्हाटसऐप के माध्यम से रंगदारी के लिए कॉल करें।
उधर, रंगदारी की कॉल के बारे में शेखर बंधुओं द्वारा जब चर्चा की जाती थी तो सोनिया बडे़ गंभीर होकर इस पर उनके साथ बातें करती और एक से एक तरह के सुझाव देती। कई बार सोनिया ने कहा था कि वह बदमाशों को रुपये भेज दें अगर उन्होंने रुपये नहीं भेजे तो उनके ग्राहकों का विश्वास भी टूट जाएगा।
जिससे बिजनेस में कॉफी नुकसान हो सकता है। कई बार सोनिया की इस तरह की बातों को देखकर कंपनी मालिकों को उस पर अधिक विश्वास हो जाता था। मगर सोनिया इधर से हुई बातों को देवेंद्र, रूपक और रोहित से चर्चा करके फिर से कॉल कराती और दबाव में लेती थी। सूत्रों की माने तो सोनिया ने पहली बार 67 रुपये डलवाए थे और फिर 2 लाख रुपये भी उसी की मौजूदगी में डाले गए थे।