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दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में वेंटिलेटर के अभाव में मरीज की मौत, पहले भी एक बच्चे तोड़ चुका है दम
Wed, 03 Apr 2019 06:24 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 Apr 2019 06:24 AM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल में मंगलवार को एक बार फिर वेंटिलेटर की कमी के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे पहले भी एक बच्चे की इसी वजह से मौत हो चुकी है और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था।
62 वर्षीय किशोर कुमार को 27 मार्च को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबियत ज्यादा खराब होने के कारण आईसीयू में भर्ती करना था, लेकिन वेंटिलेटर न होने के कारण मंगलवार को उनकी मौत हो गई।
किशोर कुमार के बेटे रोहित ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर की कमी होने का हवाला दिया, लेकिन मरीज को किसी और अस्पताल में भर्ती कराने की मदद नहीं की।
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रोहित के अनुसार पिता की बिगड़ती हालत के कारण वह 30 मार्च को दीप चंद बंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास रामपाल से मिला। डॉ. रामपाल ने आईसीयू में बिस्तर उपलब्ध होने की जानकारी दी
लेकिन वहां न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण मरीज को भर्ती नहीं कराया जा सका। 1 अप्रैल को रोहित ने दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर 22300012 पर भी संपर्क किया गया, लेकिन किसी भी अस्पताल में न्यूरो सर्जन के साथ वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था।
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62 वर्षीय किशोर कुमार को 27 मार्च को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबियत ज्यादा खराब होने के कारण आईसीयू में भर्ती करना था, लेकिन वेंटिलेटर न होने के कारण मंगलवार को उनकी मौत हो गई।
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किशोर कुमार के बेटे रोहित ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर की कमी होने का हवाला दिया, लेकिन मरीज को किसी और अस्पताल में भर्ती कराने की मदद नहीं की।
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रोहित के अनुसार पिता की बिगड़ती हालत के कारण वह 30 मार्च को दीप चंद बंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास रामपाल से मिला। डॉ. रामपाल ने आईसीयू में बिस्तर उपलब्ध होने की जानकारी दी
लेकिन वहां न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण मरीज को भर्ती नहीं कराया जा सका। 1 अप्रैल को रोहित ने दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर 22300012 पर भी संपर्क किया गया, लेकिन किसी भी अस्पताल में न्यूरो सर्जन के साथ वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था।