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Delhi: दोनों हाथ का ट्रांसप्लांट हुए मरीज को कल मिलेगी अस्पताल से छुट्टी, ट्रेन हादसे में गवां दिए थे अंग

Wed, 06 Mar 2024 11:54 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 06 Mar 2024 11:54 AM IST
सार

तीन साल पहले 2020 में ट्रेन हादसे में उस युवक के दोनों हाथ कट गए थे। एक हाथ कोहनी से और दूसरा हाथ कोहनी से थोड़ा नीचे से कट गया था। गंगाराम के डॉक्टर महेश मंगल के मुताबिक, दोनों हाथों को प्रत्यारोपित करना चुनौतीपूर्ण था।

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Patient who got transplant of both hands will be discharged from the hospital tomorrow
दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने किया हाथों का प्रत्यारोपण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में पहली बार दोनों हाथों का प्रत्यारोपण करवाने वाले मरीज को बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। फिलहाल मरीज के दोनों हाथ सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर हो जाएगी। 

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दिल्ली के निजी अस्पताल में जनवरी माह में ब्रेन डेड घोषित की गई महिला से अंगदान में मिले दोनों हाथ 45 वर्षीय राजकुमार में प्रत्यारोपित किए गए थे। इस बारे में सर गंगाराम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर निखिल झुनझुनवाला का कहना है कि अगले कुछ माह में दोनों हाथ काम करने लगेंगे।
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बता दें कि अक्टूबर 2020 में नांगलोई रेलवे ट्रैक के पास राजकुमार रेलवे ट्रैक पर गिर गए थे। हादसे में उनके दोनों हाथ कट गए। आनन-फानन उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया और इलाज के बाद उनके आर्टिफिशियल हाथ लगा दिए गए। इस दौरान जनवरी माह में कालकाजी निवासी सेवानिवृत प्राचार्या ने अंगदान किया। इसमें दोनों हाथ भी मिले। जांच के बाद महिला के दोनों हाथों को राजकुमार की हड्डियों, रक्तवाहनियों, मांसपेशियों और त्वचा से जोड़ा गया। डॉक्टर निखिल ने बताया कि यह बेहद जटिल सर्जरी थी। 
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सर्जरी में कुल 12 घंटे लगे। 20 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अंजाम दिया। मरीज का 70 से 80 फीसदी तक हाथों का साधारण मूवमेंट लौट सकता है, लेकिन इसमें 6 से 7 महीने लगेंगे। राजकुमार पेशे से पेंटर का काम करते हैं और इस काम के लिए उन्हें अभी डेढ़ साल का समय लग सकता है।

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के डाक्टरों ने बुजुर्ग महिला के अंगदान से मिले दोनों हाथ राजकुमार को प्रत्यारोपित करने में सफलता पाई। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी के चेयरमैन डा. महेश मंगल और डॉक्टर निखिल झुनझुनवाला समेत कई डॉक्टरों ने करीब 12 घंटे की सर्जरी कर युवक को दोनों हाथ जोड़े। 

Patient who got transplant of both hands will be discharged from the hospital tomorrow
ट्रेन हादसे में दोनों हाथ कट गए थे - फोटो : अमर उजाला

तीन साल पहले ट्रेन हादसे में गंवा दिए थे हाथ
डॉक्टर ने बताया कि तीन साल पहले 2020 में ट्रेन हादसे में राजकुमार के दोनों हाथ कट गए थे। एक हाथ कोहनी से और दूसरा हाथ कोहनी से थोड़ा नीचे से कट गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दिल्ली की रहने वाली बुजुर्ग महिला ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती की गई थीं। इलाज के दौरान वह ब्रेन डेड हो गईं। इसके बाद स्वजनों ने अंगदान का फैसला किया। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) ने दान में मिली एक किडनी गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल को आवंटित किया। जहां एक मरीज को यह किडनी प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी गंगाराम अस्पताल में ही 41 वर्षीय महिला मरीज को प्रत्यारोपित की गई जो 11 वर्षों से डायलिसिस पर थी। लिवर गंगाराम अस्पताल में ही एक 38 वर्षीय युवक को प्रत्यारोपित किया गया।

चुनौती पूर्ण थी हाथ जोड़ने की सर्जरी
गंगाराम के डॉक्टर महेश मंगल के मुताबिक, दोनों हाथों को प्रत्यारोपित करना चुनौतीपूर्ण था। दान में मिले गए हाथ को डोनर के कोहनी के उपर से निकाला गया और उसे युवक को जोड़ दिया गया। इस दौरान हाथ की नसों, धमनियों व हड्डियों को बारी-बारी से जोड़ा गया।

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