फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

PICS: कोहरे की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर, रेल यात्रियों का हाल हुआ बेहाल

Thu, 08 Dec 2016 04:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 08 Dec 2016 04:09 PM IST
सार

ट्रेनें घंटो देरी से चलने और रद्द होने के कारण हो रहे परेशान
खचाखच भरे वेटिंग रूम और प्लेटफॉर्म
जमीन पर बैठकर वक्त गुजारने को मजबूर

विज्ञापन
passengers were suffering from fog
- फोटो : अमर उजाला

कोहरे ने मंगलवार के साथ ही आज बुधवार को भी रेल यात्रियों का हाल बेहाल कर दिया है। ट्रेनें 20-31 घंटे देरी से चलने के कारण यात्री बेदम हैं। ट्रेन के इंतजार में यात्री रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर वक्त गुजारने को मजबूर हैं। वेटिंग रूम व प्लेटफॉर्म इन दिनों खचाखच भरे हुए हैं। वातानुकूलित वेटिंग रूम में भी यात्री जमीन पर बैठकर वक्त गुजारते दिखाई दे रहे हैं। खुले आकाश के नीचे ही चादर बिछाकर ट्रेनों का इंतजार करना मजबूरी बन गई है। भीड़ इतनी है कि दिव्यांगों को बेहद परेशान होना पड़ रहा है। व्हील चेयर लेने में भी यात्रियों को परेशानी हो रही है। डिस्प्ले बोर्ड पर भी ठीक से सूचना नहीं मिल पा रही है। अमर उजाला संवाददाता नवनीत शरण व फोटोग्राफर हिमांशु सोनी ने राजधानी के आनंद विहार व नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का जायजा लिया, तो मंगलवार को कुछ ऐसी ही स्थितियां नजर आईं। पेश है लाइव रिपोर्ट।

 

कनेक्टिंग टिकट वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान

passengers were suffering from fog
- फोटो : अमर उजाला

आनंद विहार रेलवे स्टेशन, स्टेशन पहुंचने वाले यात्री बेदम

दोपहर 12 बजे
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में जहां यात्री प्लेटफॉर्म पर परेशान दिखे, तो वहीं यात्रा पूरी कर स्टेशन पहुंचने वाले यात्री भी बेदम नजर आए। रीवा एक्सप्रेस 30 घंटे देरी से दोपहर 1:30 बजे पहुंची। व्हील चेयर नहीं मिलने से दिव्यांग परेशान दिखे। उनके परिजनों को यह कहा जा रहा था कि बिना कुली के व्हील चेयर नहीं दी जाएगी, जबकि यात्री अपना आरक्षित टिकट भी जमा करने को तैयार थे।

इंतजार करने के लिए मजबूर
दोपहर एक बजे
स्टेशन पहुंचने पर ही यात्रियों को पता चल रहा था कि उनकी ट्रेन घंटों लेट या निरस्त है। ट्रेन रवाना होने के सही समय की सूचना नहीं मिलने के कारण यात्री घर वापस भी नहीं जा पा रहे थे। स्टेशन पर दोपहर से ही यात्री सप्तक्रांति ट्रेन से जाने के लिए पहुंचने लगे थे, लेकिन यह ट्रेन तीन घंटे देरी से रवाना हुई।

passengers were suffering from fog
- फोटो : अमर उजाला

20 कदम के लिए कुली मांग रहा 300
दोपहर 1:30 बजे
इस स्टेशन पर दो व्हील चेयर हैं। इसके लिए दिव्यांगों को परेशान होना पड़ रहा था। स्टेशन के अधिकारियों का कहना था कि अन्य व्हील चेयर जगह न होने पर स्टेशन कक्ष में रखी गई हैं। हालांकि सीमित संख्या में व्हील चेयर उपलब्ध होने पर बुजुर्ग, बीमार व दिव्यांग यात्री परेशान रहते हैं। एक महिला अपने पति के साथ परेशान दिखीं। उनका कहना था कि व्हील चेयर के लिए उनसे कुली लाने को कहा जा रहा है। कुली 20 कदम की दूरी तय कराने के लिए 300 रुपये मांग रहा है। हालांकि अमर उजाला संवाददाता के हस्तक्षेप के बाद महिला को आरक्षित टिकट जमा कराने पर व्हील चेयर उपलब्ध करा दिया गया।

कनेक्टिंग टिकट वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान
दोपहर दो बजे
कनेक्टिंग ट्रेन के यात्री दोहरी मुसीबत का सामना करते दिखे। जिस स्टेशन से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ रहे हैं, वह घंटों देरी से रवाना हो रही है। वहां पहुंचने के बाद दूसरी ट्रेन के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उदयपुर से सुबह सात बजे पहुंची रजनी श्रीवास्तव इस वजह से परेशान दिखीं कि उनकी दूसरी ट्रेन शाम चार बजे थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
passengers were suffering from fog
- फोटो : अमर उजाला

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, वेटिंग रूम खचाखच भरा रहा
दोपहर 3:30 बजे
एसी वेटिंग रूम में थोड़ी बहुत बैठने की जगह तो दिखी, लेकिन स्लीपर वेटिंग रूम में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इस वजह से यात्री प्लेटफॉर्म पर ही चादर बिछाकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूरी दिखे।

विज्ञापन
passengers were suffering from fog
- फोटो : अमर उजाला

ट्रेन निरस्त होने से बढ़ी भीड़
शाम चार बजे
ट्रेनों के निरस्त होने के कारण यात्री परेशानी में दिखे। नई दिल्ली स्टेशन पर जैसे ही पता चला की संपूर्ण क्रांति ट्रेन निरस्त है, तो यात्री बिहार संपर्क क्रांति की तरफ बढ़े। स्थिति यह थी कि प्लेटफॉर्म नंबर 14 तक पहुंचना लोगों के लिए मुश्किल भरा था। किसी दूसरी ट्रेन में सीट नहीं मिलने की वजह से उसी ट्रेन में जाने की मजबूर दिखे।

वास्तविक समय भी नहीं पता चल पा रहा
शाम पांच बजे
यात्रियों को इन दिनों स्टेशन काउंटर, पूछताछ नंबर या इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड से भी ट्रेन की सही टाइमिंग का पता नहीं चल पा रहा है। इस कारण लगातार प्लेटफार्म पर उद्घोषणा सुनते रहना उनकी मजबूरी बन गई है। उद्घोषणा के अनुसार भी ट्रेन समय पर नहीं पहुंच रही है। 10 घंटे देरी से पहुंचने वाली पूर्वा एक्सप्रेस से उतरते हुए यात्री बेदम दिखे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed