प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ परिपक्व तरीके से पेश आना चाहिए था- संसदीय समिति
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प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के मामले में एक संसदीय समिति ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के प्रमुख अमूल्य पटनायक और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की। समिति ने नसीहत भी दी कि छात्रों से परिपक्व तरीके से पेश आना चाहिए था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अगुवाई वाली गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति ने दिल्ली पुलिस से राजधानी में बार-बार पाबंदी लगाने पर सवाल उठाया। समिति ने जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हाल में हुई हिंसा का जिक्र किए बगैर कहा, बार-बार धारा 144 लगाने से आम आदमी को बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है।
यूपी, हरियाणा के पुलिस अफसरों संग की एनसीआर में बढ़ते अपराध पर चर्चा
समिति ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते अपराध पर भी चर्चा की। दिल्ली पुलिस के प्रमुख के अलावा हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव और उत्तर प्रदेश व राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी समिति के समक्ष एनसीआर में अपराधों के मामलों का जिक्र किया। समिति के साथ हुई इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा ‘दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता अपराध’ था।
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन प्रदर्शन करेंगे शरणार्थी
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में अल्पसंख्यक हिंदू शरणार्थी सड़क पर उतरेंगे। इसमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के शरणार्थी शामिल होंगे जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत पहुंचे है। भोवी हिंदू प्रवासी संगठन ने एलान किया है कि 18 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर मार्च निकालेंगे।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकटेश मौर्य ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि बड़ी संख्या में शरणार्थी जंतर-मंतर से भाजपा मुख्यालय तक नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मार्च करेंगे। हिंदू शरणार्थियों को इस कानून के तहत नागरिकता मिलनी है। इस मार्च में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आने वाले हिंदू शरणार्थी शिरकत करेंगे।
मौर्य ने बताया कि विभाजन के बाद पाकिस्तान से 22 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। इनमें कई लोगों को भारतीय नागरिकता मिल गई है। अभी भी हरियाणा में हजारों और दिल्ली में संजय कॉलोनी में रहने वाले दो हजार से अधिक लोगों को नागरिकता नहीं मिली है। सीएए से उन्हें भी भारत की नागरिकता मिलेगी।