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हाल-ए-अस्पताल: बीमार बच्चों को गोद में लेकर भटकते रहे माता-पिता, सरकारी हॉस्पिटल में बाहर से दवा ला रहे तीमारदार

Wed, 06 Jul 2022 09:54 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 06 Jul 2022 09:54 PM IST
सार

अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों में 12 बेड में से छह पर बच्चे भर्ती किए हैं। बुखार, पेचिश व पेट दर्द की समस्या के कारण उन्हें भर्ती किया गया है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर मरीजों के तीमारदार से ही दवाएं बाहर से मंगवाई जा रही हैं।

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parents wandering for treatment of children in bk civil hospital faridabad
मासूम के इलाज के लिए भटकते माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीके नागरिक अस्पताल में बुधवार को छोटे बच्चों के इलाज के लाले पड़ गए। डायरिया से पीड़ित बच्चों को गोद में उठाए परिजन घूमते रहे। गंभीर मामलों को रेफर कर दिया गया। ज्यादातर तीमारदार अपने खर्च पर दवाएं लाने को मजबूर रहे। 

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इन दिनों मौसम में बदलाव लगातार जारी है। कभी धूप तो कभी छांव के इस खेल में बच्चे बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर डायरिया का शिकार हो रहे हैं। बुधवार को ज्यादातर बच्चे पेचिश, पेट दर्द व बुखार की समस्या ग्रस्त बीके नागरिक अस्पताल पहुंचे। कई बच्चों की हालत गंभीर थी। ऐसे बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। वहीं, जो भर्ती रहे वह पैसा खर्च कर बाहर से दवाएं लाने को मजबूर दिखाई दिए। 
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पर्वतिया कॉलोनी निवासी बच्चे को रेफर होने के बाद आनन-फानन में अस्पताल से भेज दिया गया। जल्दबाजी में उसके तीमारदार केवल यह बोल पाए कि बच्चे की हालत खराब है। 
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उसे फ्ल्यूड लगाकर रेफर किया गया। कई परिजन सरकारी अस्पताल की व्यवस्था से परेशान दिखे। अस्पताल में भर्ती बच्चे के तीमारदार ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बेटे को मुश्किल से भर्ती किया गया है। दवाएं और बच्चे को चढ़ाने के लिए आईवी फ्ल्यूड भी बाहर से मंगाया जा रहा है। शिकायत करेंगे तो बच्चे की छुट्टी या रेफर कर देंगे। 
 

12 में से छह पर भर्ती हैं नौनिहाल 

अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों में 12 बेड में से छह पर बच्चे भर्ती किए हैं। बुखार, पेचिश व पेट दर्द की समस्या के कारण उन्हें भर्ती किया गया है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर मरीजों के तीमारदार से ही दवाएं बाहर से मंगवाई जा रही हैं। उधर, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव का कहना है कि इमरजेंसी में किसी मरीज से दवाएं नहीं मंगवाई जा रही। ओपीडी मरीजों को कुछ दवाएं न मिलने के कारण ऐसा हो सकता है। मौसम अनुसार ओआरएस का घोल भी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

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