CBSE: एग्जाम से 15 मिनट पहले हुआ था पेपर लीक, परीक्षा केंद्र अधिकारी निलंबित
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देश में 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र के लीक होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 12वीं की बोर्ड के अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र के लीक होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने 2 शिक्षकों और एक कोचिंग सेंटर चलाने वाले को गिरफ्तार किया है। बता दें कि दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने मामले के तीनों आरोपियों को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव ए स्वरूप के मुताबिक अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की दिशा में बोर्ड ने के एस राणा को निलंबित कर दिया है, बोर्ड ने उन्हें परीक्षा केंद्र (0859) में ढिलाई बरतने का आरोपी पाया है। उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है।
On the direction of HRD Minister Prakash Javdekar to take swift action against culprits, the Board has suspended K S Rana, the official found lax in supervising examination centre (0859) with immediate effect. A formal inquiry has been instituted: Secretary HRD Ministry A Swarup
— ANI (@ANI) April 1, 2018विज्ञापन
रविवार को दिल्ली पुलिस की प्रेस वार्ता में दिल्ली पुलिस के जेसीपी ऑफ क्राइम ब्रांच ने जानकारी दी कि 2 शिक्षक और एक ट्यूटर जिसका नाम तौकीर बाताया जा रहा उनको पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
Delhi's Karkardooma court sends three accused arrested in #CBSEPaperLeak case to two days police custody.
— ANI (@ANI) April 1, 2018
पुलिस के मुताबिक शिक्षकों ने सुबह 9:15 बजे प्रश्न पत्र की फोटो खींच कर कोचिंग सेंटर के मालिक को फॉरवर्ड कर दिया। और कोचिंग सेंटर वाले ने बच्चों को भेज दिया।
पुलिस के अनुसार प्रश्न पत्र हाथ से लिख कर भी बच्चों को भेजे गए हैं।
#UPDATE: Delhi Police says 2 teachers & a coaching centre owner were arrested over XII class #PaperLeak, the teachers clicked photos of paper at 9;15am & passed it to coaching centre owner, who passed it to students.Paper was also leaked in handwritten form, for which probe is on
— ANI (@ANI) April 1, 2018
सोशल मीडिया पर चल रहा हिंदी इलेक्टिव का पर्चा नकली
सीबीएसई का 12वीं का हिंदी इलेक्टिव प्रश्न पत्र सोशल मीडिया, व्हाट्स एप, यू-ट्यूब पर प्रसारित होने की सूचना से एक बार फिर सनसनी फैल गई। सीबीएसई ने तत्काल इसकी जांच की।
जांच में यह पेपर नकली पाया गया। बोर्ड ने इसे लेकर एक अलर्ट भी जारी किया। अलर्ट में कहा गया कि जो प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, वह या तो एक साल पुराना है या फिर झूठा है।
बोर्ड की हिंदी इलेक्टिव की परीक्षा 2 अप्रैल को आयोजित होनी है। ऐसे में शनिवार को एक बार अभिभावकों और छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई, जब सोशल मीडिया पर हिंदी इलेक्टिव का एक प्रश्न पत्र प्रसारित होने लगा।
सोशल मीडिया, व्हाट्स एप व यू-ट्यूब पर यह पेपर आने से छात्र भी परेशान हो गए। ऐसे में सीबीएसई ने आनन-फानन में जांच कर सफाई दी कि यह वास्तविक प्रश्न पत्र नहीं है।
बोर्ड ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा प्रश्न पत्र भी जारी किया। बोर्ड ने अलर्ट में कहा है कि सूचित किया जाता है कि यह प्रश्न पत्र या तो पुराने वर्षों का है या फिर नकली।
बोर्ड ने लोगों से अनुरोध किया कि नकली प्रश्न पत्रों को लेकर सूचना प्रसारित न की जाए, ताकि छात्रों व अन्य हितधारकों में भ्रम पैदा न हो।
दूसरे दिन और बड़ा हुआ छात्रों का प्रदर्शन
दोबारा परीक्षा के विरोध में सीबीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के गणित व अर्थशास्त्र के छात्रों का प्रदर्शन दूसरे दिन शनिवार को और बढ़ गया।
बड़ी संख्या में अलग-अलग इलाकों से पहुंचे छात्रों ने प्रीत विहार स्थित सीबीएसई मुख्यालय, राजीव चौक और जंतर-मंतर पर जमकर प्रदर्शन किया। गुस्साए छात्रों ने विकास मार्ग पर जाम लगा दिया।
काले झंडे लेकर उन्होंने सीबीएसई के खिलाफ जमकर नारेबजी की। छात्रों ने एकजुटता दिखाने के लिए सोशल मीडिया के जरिये साथियों को जुटाना शुरू कर दिया है।
छात्रों की मांग हैै कि दोबारा परीक्षा का निर्णय रद्द हो और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस का रवैया नरम रहा। पुलिसवाले छात्रों को पकड़कर दूर ले जाकर छोड़ते रहे।
दोबारा परीक्षा लेने के फैसले से गुस्साए कुछ छात्र सुबह 7 बजे ही सीबीएसई मुख्यालय पहुंच गए। इसके बाद छात्रों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
बिना किसी संगठित सूचना के छात्र दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से प्रदर्शन करने पहुंचे। यहां निजी और सरकारी स्कूलों के छात्रों ने दोबारा परीक्षा लेने के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि पेपर लीक होने में उनकी क्या गलती है? सीबीएसई प्रशासन की कोताही की वजह से पेपर लीक हुए। इसका दंड विद्यार्थियों को क्यों मिले।
प्रदर्शन कर रहे 12वीं कक्षा के चार छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सीबीएसई के संयुक्त सचिव जयप्रकाश से मिला। छात्रों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर मांग की कि 12वीं की अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा न कराई जाए।
अगर परीक्षा करानी ही है तो फिर सभी विषयों की दोबारा हो। छात्रों ने कहा कि पेपर सभी रीजन में लीक हुआ तो दोबारा परीक्षाएं दिल्ली और हरियाणा में ही कराने की घोषणा क्यों की गई।
छात्रों के मुताबिक, संयुक्त सचिव ने आश्वासन दिया है कि दोबारा होने वाली अर्थशास्त्र की परीक्षा का पेपर सरल होगा। हालां छात्र किसी भी हाल में दोबारा परीक्षा का विरोध कर रहे हैं।
संयुक्त सचिव को ज्ञापन सौंपने के बाद छात्रों ने एकजुट होकर विकास मार्ग पर बैठकर यातायात रोक दिया। सीबीएसई के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने के बाद उन्होंने प्रीत विहार चौक पर काले झंडे दिखाकर रोष जताया।
करीब पांच घंटे चल प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विकास मार्ग को कई बार बंद किया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने छात्रों को सड़क से हटा दिया।
यहां से छात्र एकजुट होकर राजीव चौक पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर तक मार्च किया। गाजियाबाद के छात्र नमन का कहना था कि सीबीएसई ने दोबारा परीक्षा के फैसले का नहीं बदला तो इसके विरोध में और बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
एबीवीपी और एनएसयूआई में आरोप-प्रत्यारोप
एबीवीपी नॉर्थ जोन के रीजनल हेडक्वॉर्टर पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। एनएसयूआई का आरोप है कि एबीवीपी झारखंड यूनिट के संयोजक सतीश पांडेय व निजी कोचिंग संस्थान संचालक की मिलीभगत से पेपर लीक हुआ।
एनएसयूआई प्रवक्ता नीरज मिश्रा ने कहा कि एक तरफ पेपर लीक मामले में झारखंड पुलिस ने सतीश पांडेय को गिरफ्तार किया है तो दूसरी ओर दिल्ली में एबीवीपी मंत्री से मिलकर पेपर लीक मामले की जांच कराने की बात कर रहा है।
उधर, एबीवीपी पदाधिकारी साकेत ने समर्थकों के साथ सीबीएसई मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई का पेपर लीक मामले में एबीवीपी सदस्य की संलिप्तता का आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि सतीश पांडेय एबीवीपी का सदस्य नहीं है। एनएसयूआई उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।
प्रदर्शन को राजनीति से जोड़ने का विरोध
सीबीएसई मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्र अमन ने कहा कि एनएसयूआई और एबीवीपी दोनों ही उनके समर्थन की बात कर रहे हैं, लेकिन नेतृत्व कोई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि छात्र नहीं चाहते कि उनके प्रदर्शन को राजनीति से जोड़कर पेश किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थक माहौल को राजनीतिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सिर्फ मीडिया के सामने आने के लिए ही वे छात्रों के साथ खड़े होते हैं। इसके अलावा छात्रों से उनका किसी तरह का संपर्क नहीं है।