14 साल बाद खत्म हुआ पद्मश्री का सूखा

अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 27 Jan 2014 09:21 PM IST
padmashri award winners
औद्योगिक शहर फरीदाबाद के खाते में 14 साल बाद पद्मश्री पुरस्कार आया है। सन् 2000 में जेएन कौल के बाद किसी को यह अवॉर्ड नहीं मिला था। लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड का सूखा खत्म हुआ है।

शहर से जुड़े तीन लोगों का अवॉर्ड के लिए चयन हुआ है। समाज कल्याण के उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. ब्रह्मदत्त को इसके लिए चयनित किया गया है।

सेक्टर-21ए निवासी ब्रह्मदत्त पिछले तीन दशक से कुष्ठ पीड़ितों एवं विकलांगों के लिए कार्य कर रहे हैं। वे अखिल भारतीय कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के महासंघ के अध्यक्ष हैं।

भारत माता कुष्ठ आश्रम, गांधी कॉलोनी, एनएच-5 के जरिए उन्होंने करीब 200 कुष्ठ रोगियों का जीवन सुधारा। उन्हें भीख मांगना छुड़वाकर काम करने के लिए प्रेरित किया। तब से इन कुष्ठ रोगियों ने कपड़ा बुनना शुरू कर दिया। आज उनके बुने कपड़े पूरी दुनिया में मशहूर हैं। उन्हें विकलांगों की सेवा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

दूसरी ओर, चिकित्सा के क्षेत्र में मशहूर सर्जन डॉ. एनके पांडे को भी इस अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है।

वह सेक्टर-21 ए में एशियन नाम से अस्पताल चलाते हैं। यह सम्मान उन्हें देश में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें मेडिसिन के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित डॉ. बीसी रॉय अवॉर्ड भी मिल चुका है।

वहीं, 2001 से 2004 तक सेक्टर-29 स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स एक्साइज एंड नारकोटिक्स (नासेन) में महानिदेशक रह चुकीं प्रवीण तलहा को सिविल सर्विसेज श्रेणी में पद्मश्री मिलेगा। हालांकि, वह इस समय लखनऊ में कार्यरत हैं।

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