यौन शोषण मामले में पचौरी को मिली कार्यालय में एंट्री की इजाजत
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शोषण के आरोपों में घिरे वैज्ञानिक आर के पचौरी को शनिवार को टेरी के मुख्यालय, गुड़गांव कार्यालय समेत सभी कार्यालयों में प्रवेश की अनुमति मिल गई।
इस मामले में पीड़िता टेरी से 2 नवंबर को त्याग पत्र दे चुकी है, इस बात पर गौर करते हुए अदालत ने उक्त अनुमति प्रदान की है। साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी ने अपने निर्देश में कहा कि पीड़ित अब खुद टेरी कार्यालय नहीं आ रही है और संस्थान से जुड़ी नहीं है।
इसलिए केस की जांच या अभियोजन के प्रभावित होने की संभावना नहीं है। इसलिए पचौरी को प्रवेश की अनुमति दी जाती है। अदालत ने अपने 21 मार्च के अग्रिम जमानत संबंधी आदेश में संशोधन करते हुए पचौरी को प्रवेश की अनुमति प्रदान की है।
कर्मचारी ने लगाया था यौन शोषण का आरोप
अदालत ने पचौरी को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए टेरी कार्यालयों में उनके प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। बता दें कि इसी साल 13 फरवरी को 74 साल के पचौरी के खिलाफ टेरी की एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीडन का आरोप लगाया था।
उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा था। 26 फरवरी को अदालत ने पचौरी पर टेरी कार्यालय में प्रवेश करने पर भी रोक लगाई थी।
इतना ही नहीं टेरी के अधिकारियों से संपर्क करने पर उनसे मना किया गया था और अदालत ने उन्हें देश छोड़कर नहीं जाने के लिए भी कहा था।