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खुद मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री मारपीट को लेकर माफी नहीं मांगते, हमारा बहिष्कार तब तक जारी रहेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Feb 2018 08:08 PM IST
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केजरीवाल और अंशू प्रकाश
मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के बाद आठ दिन से चुनी हुई सरकार और नौकरशाहों के बीच चल रहा विवाद अब सुलह की पटरी पर लौट रहा है। मंगलवार को आठ दिन बाद मुख्य सचिव समेत कुछ अधिकारी सरकार की कैबिनेट बैठक में शामिल हुए।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों के ज्वाइंट फोरम ने कहा कि हमने सिर्फ जनहित के चलते इस बैठक में शामिल होने को राजी हुए हैं। बाकी बैठकों को लेकर हमारा बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक खुद मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री मारपीट को लेकर माफी नहीं मांगते हैं।
ज्वाइंट फोरम के सदस्य पंकज कुमार ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बजट को लेकर कैबिनेट में अधिकारी शामिल हो कि नहीं इसे लेकर ज्वाइंट फोरम की एक बैठक हुई है। बैठक में प्रस्ताव पास हुआ है कि बगैर बजट के सरकार के कामकाज नहीं चलेंगे। इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा। इसलिए हमने तय किया है कि बजट संबंधी बैठकों में उससे जुड़े अधिकारी शामिल होंगे।
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हमारा पहले के ही तरह अन्य बैठकों का विरोध जारी रहेगा। इसके अलावा रोजाना पांच मिनट हम लंच टाइम में मौन रखकर अपना विरोध जारी रखेंगे। हम सिर्फ लिखित संवाद ही मंत्रियों के साथ करेंगे।
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दिल्ली सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों के ज्वाइंट फोरम ने कहा कि हमने सिर्फ जनहित के चलते इस बैठक में शामिल होने को राजी हुए हैं। बाकी बैठकों को लेकर हमारा बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक खुद मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री मारपीट को लेकर माफी नहीं मांगते हैं।
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ज्वाइंट फोरम के सदस्य पंकज कुमार ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बजट को लेकर कैबिनेट में अधिकारी शामिल हो कि नहीं इसे लेकर ज्वाइंट फोरम की एक बैठक हुई है। बैठक में प्रस्ताव पास हुआ है कि बगैर बजट के सरकार के कामकाज नहीं चलेंगे। इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा। इसलिए हमने तय किया है कि बजट संबंधी बैठकों में उससे जुड़े अधिकारी शामिल होंगे।
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हमारा पहले के ही तरह अन्य बैठकों का विरोध जारी रहेगा। इसके अलावा रोजाना पांच मिनट हम लंच टाइम में मौन रखकर अपना विरोध जारी रखेंगे। हम सिर्फ लिखित संवाद ही मंत्रियों के साथ करेंगे।