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उड़ीसा के सीएम का सचिव बनकर करता था ठगी

Sun, 27 Sep 2015 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 27 Sep 2015 08:54 AM IST
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Orissa Chief Minister had become secretary of swindle.

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री का अतिरिक्त सचिव बनकर ठगी करने वाले फर्जी आईएएस अफसर को साथी के साथ गिरफ्तार किया है। जालसाज ने टेंडर दिलाने के नाम पर दिल्ली के व्यवसायी से ठगी किया था।

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आरोपी खुद के साथी को अपना पीए बताता था। पुलिस ने उनके पास से उड़ीसा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव डीके मोहंती का फर्जी परिचय पत्र, चार मोबाइल, सात सिमकार्ड, सरकारी अफसरों की रबड़ स्टांप और फर्जी टेंडर लेटर बरामद किए हैं।
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अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र यादव के अनुसार पटपरगंज स्थित मै. वाईरेक्स एनर्जी प्राइवेट लि. के डायरेक्टर दिव्यादीप गुप्तो ने शाखा में तैनात इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी को 12 अगस्त को शिकायत दी थी कि उसके पास एक फोन आया था।
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फोन करने वाले ने खुद को उड़ीसा के मुख्यमंत्री का अतिरिक्त सचिव डीके मोहंती बताया। उसने कहा कि एलईडी लाट्स का टेंडर है और उड़ीसा का मुख्यमंत्री कार्यालय एक अच्छी पार्टी की तलाश कर रहा है।

फर्जी आईएएस अफसर ने लिये पैसे

Orissa Chief Minister had become secretary of swindle.

आरोपी ने व्यवसायी को टेंडर के कागजात की कॉपी भेज दी। इसके बाद उसने दिव्यादीप को मिलने के लिए कोलकाता बुलाया। दिव्यादीप कोलकाता पहुंचा और वहां आरोपी के पीए उज्ज्वल विश्वास से मिला।

उसने टेंडर फीस के नाम पर 81 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद वे उड़ीसा गए और डीके मोहंती से मिले। वहां मोहंती ने उसे टेंडर एक्सेप्टेंश लेटर की कॉपी दे दी। फर्जी आईएएस अफसर ने व्यवसायी से 80 हजार रुपये और ले लिए।

इसी प्रकार आरोपी ने डायरेक्टर से कुल 2 लाख 34 हजार रुपये ले लिए थे। इस दौरान संदेह होने पर डायरेक्टर ने उड़ीसा जाकर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव के कार्यालय में जाकर पूछताछ की तो उसे पता लगा कि कोई टेंडर नहीं निकाला गया है। अपराध शाखा में मामला दर्जकर इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी व एसआई राजवीर की टीम ने तफ्तीश शुरू की।

इस टीम ने दोनों आरोपियों को 25 सितंबर को एयरपोर्ट से उस गिरफ्तार कर लिया जब वह स्पाई जेट की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। आरोपी फर्जी आईएएस अफसर की पहचान कोलकाता निवासी मालाय सुकुमार भौमिक (55) और उसके पीए उज्ज्वल विश्वास (33) के रूप में हुई।

विज्ञान स्नातक है जालसाज

Orissa Chief Minister had become secretary of swindle.

मालाय ने कटक विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली है। भेल से इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा भी किया हुआ है। वो निजी व सरकारी विभागों में ठेकेदार के रूप में काम करता था।

उसे उड़ीसा के हाउसिंग व अरबन विभाग के ग्रीन प्रोजेक्ट की अच्छी जानकारी थी। उसे ये पता था कि ये विभाग डीकेमोहंती के अंडर काम करता है। पैसे कमाने के लिए वह ठगी करने लगा और ऐसे ग्राहक ढूंढने लगा जो एलईडी लाइट सप्लाई करने का इच्छुक हो।

उसने इंडिया मार्ट वेबसाइट से व्यवसायी का ढूंढा था। उज्ज्वल डेंटल लैब में काम करता है। वह भी गलत रास्ते पर चलकर जल्द पैसा कमाने के लिए मालाय के साथ हो गया था।

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