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आयोजक निकले अनाड़ी, निराश हुए स्पेशल खिलाड़ी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 23 Mar 2015 01:49 PM IST
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मटियाला स्थित जनहित एकेडमी में आयोजित नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई।
रहने और खाने को लेकर अपने साथ हुए बदतर व्यवहार के चलते स्पेशल खिलाड़ियों और उनके परिजनों ने प्रतियोगिता आखिरी दिन हंगामा कर दिया।
पैरालिम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) की टेक्निकल कमेटी केवल हरियाणा की टीम को ओवरऑल चैंपियन घोषित कर गायब हो गई।
वहीं, 26 राज्यों से आए 750 खिलाड़ी और उनके परिजन दिन भर मेडल पाने का इंतजार करते रहे, मगर अंत में उन्हें निराशा हाथ लगी।
आयोजन स्थल में आधे-अधूरे कमरों में स्पेशल खिलाड़ियों के रुकने की व्यवस्था, गंदे बाथरूम, गंदे बिस्तर के साथ खराब खाने की कहानी सामने आने पर हंगामा मच गया।
खराब व्यवस्थाओं और तीन दिन हुई दिक्कतों पर खिलाड़ियों के साथ उनके परिजनों के सवालों का टेक्निकल कमेटी के लोगों को सामना करना पड़ा।
आयोजन को लेकर हो रही खिचाईं और सवालों से बचने के लिए पीसीआई टेक्निकल टीम बिना पूरा रिजल्ट घोषित किए गायब हो गई।
संभावित 14 गोल्ड, 13 सिल्वर और पांच ब्रॉंज जीतने वाली हरियाणा की महिला-पुरुष टीम को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया जा सका।
दिल्ली की टीम के दूसरे और तमिलनाडु को तीसरे स्थान पर रहने की संभावना है। तमाम प्रतिस्पर्धाओं में जीतने वाले खिलाड़ी पदक का इंतजार करते रह गए।
बदइंतजामी के मारे,चैंपियन बेचारे
गाजियाबाद में पहली बार आयोजित हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देशभर आए स्पेशल खिलाड़ी सुविधाओं को तरस गए।
यूपी पैरालिम्पिक एसोसिएशन की ओर से मटियाला स्थित जनहित एकेडमी में संपन्न हुई प्रतियोगिता में नेशनल स्तर के साथ कई अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी ठहरने, खाने, साफ बिस्तर और बाथरूम तक के लिए तरस गए।
26 राज्यों से आए खिलाड़ियों ने पैरालिम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया के आयोजन स्थल के चुनाव पर सवाल उठाए। खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें जनहित एकेडमी के आधे-अधूरे बने कमरों में ठहराया गया।
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कमरों में स्पेशल खिलाड़ियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं थी। जमीन पर गंदे बिस्तरों पर सोने को मजबूर हुए। कमरे कम पड़ने पर महिला खिलाड़ियों को लाइब्रेरी तक में रुकना पड़ा।
बाथरूम बेहद गंदे थे। वहीं खाने की क्वालिटी भी बेहद खराब थी। इस अव्यवस्था के प्रति उनमें रोष दिखा।
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रहने और खाने को लेकर अपने साथ हुए बदतर व्यवहार के चलते स्पेशल खिलाड़ियों और उनके परिजनों ने प्रतियोगिता आखिरी दिन हंगामा कर दिया।
पैरालिम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) की टेक्निकल कमेटी केवल हरियाणा की टीम को ओवरऑल चैंपियन घोषित कर गायब हो गई।
वहीं, 26 राज्यों से आए 750 खिलाड़ी और उनके परिजन दिन भर मेडल पाने का इंतजार करते रहे, मगर अंत में उन्हें निराशा हाथ लगी।
आयोजन स्थल में आधे-अधूरे कमरों में स्पेशल खिलाड़ियों के रुकने की व्यवस्था, गंदे बाथरूम, गंदे बिस्तर के साथ खराब खाने की कहानी सामने आने पर हंगामा मच गया।
खराब व्यवस्थाओं और तीन दिन हुई दिक्कतों पर खिलाड़ियों के साथ उनके परिजनों के सवालों का टेक्निकल कमेटी के लोगों को सामना करना पड़ा।
आयोजन को लेकर हो रही खिचाईं और सवालों से बचने के लिए पीसीआई टेक्निकल टीम बिना पूरा रिजल्ट घोषित किए गायब हो गई।
संभावित 14 गोल्ड, 13 सिल्वर और पांच ब्रॉंज जीतने वाली हरियाणा की महिला-पुरुष टीम को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया जा सका।
दिल्ली की टीम के दूसरे और तमिलनाडु को तीसरे स्थान पर रहने की संभावना है। तमाम प्रतिस्पर्धाओं में जीतने वाले खिलाड़ी पदक का इंतजार करते रह गए।
बदइंतजामी के मारे,चैंपियन बेचारे
गाजियाबाद में पहली बार आयोजित हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देशभर आए स्पेशल खिलाड़ी सुविधाओं को तरस गए।
यूपी पैरालिम्पिक एसोसिएशन की ओर से मटियाला स्थित जनहित एकेडमी में संपन्न हुई प्रतियोगिता में नेशनल स्तर के साथ कई अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी ठहरने, खाने, साफ बिस्तर और बाथरूम तक के लिए तरस गए।
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26 राज्यों से आए खिलाड़ियों ने पैरालिम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया के आयोजन स्थल के चुनाव पर सवाल उठाए। खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें जनहित एकेडमी के आधे-अधूरे बने कमरों में ठहराया गया।
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कमरों में स्पेशल खिलाड़ियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं थी। जमीन पर गंदे बिस्तरों पर सोने को मजबूर हुए। कमरे कम पड़ने पर महिला खिलाड़ियों को लाइब्रेरी तक में रुकना पड़ा।
बाथरूम बेहद गंदे थे। वहीं खाने की क्वालिटी भी बेहद खराब थी। इस अव्यवस्था के प्रति उनमें रोष दिखा।